उन्होंने मंच से यह कहा, "तुम लोग सिर्फ पैर में गोली मारते हो, अगर हिम्मत है तो मेरे सीने में गोली मारो।" आशीष पटेल ने बताया कि उन्होंने कभी भी दबने की कोशिश नहीं की और वह किसी के दबाव में नहीं आएंगे। इसके अलावा, सूचना विभाग पर भी उन्होंने तगड़ा हमला बोला। उनका आरोप था कि जब किसी भी सरकार पर आरोप लगाए जाते हैं तो सूचना विभाग का काम होता है कि वह उस पर स्पष्टीकरण जारी करें, लेकिन वह ऐसा क्यों नहीं कर रहा है? आशीष पटेल ने यह भी कहा कि वह किसी भी प्रकार के मानमर्दन से नहीं डरते और अगर उनकी गलती है तो उसका स्पष्टीकरण देने की जिम्मेदारी राज्य सूचना विभाग की है।
आशीष पटेल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अपनी साली पल्लवी पटेल को 'धरना मास्टर' कहा और यह भी आरोप लगाया कि वह भाजपा जॉइन करने के लिए बहुत परेशान हैं। उन्होंने कहा कि वह भाजपा के लिए चुप-चुप मेहनत कर रही हैं, और वह इसके जरिए अपने कद को बढ़ाना चाहती हैं।
आशीष ने कहा, "आपने जो भी लोगों को धोखा दिया है, सब आपसे परेशान हैं, अब वक्त है अपने नेतृत्व को स्वीकार करने का।" उन्होंने खुद पर आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने पिछड़े, दलित और वंचित वर्ग के हितों के लिए कई इंजीनियरिंग कॉलेजों के निदेशक नियुक्त किए, और अगर यह उनकी गलती है तो वह उसे स्वीकार करते हैं।
इस दौरान, अपनी पत्नी और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि अपना दल (सोनेलाल) किसी भी प्रकार से दबने और डरने वाला नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पार्टी सामाजिक न्याय की लड़ाई को और भी मजबूती से लड़ेगी और किसी भी षड्यंत्र का जवाब संगठन की ताकत से दिया जाएगा। अनुप्रिया ने आगे कहा कि जिन षड्यंत्रकारी ताकतों को यह गलतफहमी है कि अपना दल डरेगा और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर बोलना बंद कर देगा, उन्हें यह सुनकर समझ लेना चाहिए कि ऐसा कभी नहीं होगा।
उनका यह भी कहना था कि हाल ही में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के दिल में कुछ पीड़ा थी, लेकिन अब उन सभी समस्याओं का जवाब दिया जाएगा। अपना दल की नेतृत्व क्षमता को लेकर उन्होंने कहा कि वे हमेशा अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़े हैं और किसी भी स्थिति में पीछे नहीं हटेंगे।
इस विवाद ने यूपी की राजनीति में हलचल मचाई है, और आने वाले दिनों में इसका असर पार्टी के भीतर और बाहर दोनों जगह देखने को मिल सकता है।





