"राजनीति बदल सकती है, अगर हमारे पास सही डेटा हो"
राहुल गांधी ने डेटा आधारित राजनीति की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, "हम 21वीं सदी में जी रहे हैं। यह डेटा की सदी है। तेलंगाना में हमारे पास पूरी जानकारी है, और हम यह जानते हैं कि इस डेटा के जरिए राजनीति को पूरी तरह बदला जा सकता है।"
उन्होंने दावा किया कि जातीय जनगणना एक क्रांतिकारी कदम होगा और यह सामाजिक न्याय की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के जातीय जनगणना के विरोध पर निशाना साधते हुए कहा, "दुनिया की कोई ताकत हमें यह करने से नहीं रोक सकती।"
बिहार में कांग्रेस की भूमिका पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पार्टी अब अपनी पुरानी गलतियों से सबक ले रही है और गरीब, दलित, पिछड़े और ईबीसी वर्गों को नेतृत्व देने के मिशन पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि अब कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की सूची में बहुसंख्यक सवर्ण नहीं, बल्कि पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
"हमारा मकसद है कि बिहार के कमजोर वर्गों को सम्मान और नेतृत्व का अवसर मिले। पहले यह काम नहीं हुआ, लेकिन अब हम बिना रुके इसे अंजाम तक पहुंचाएंगे।"
"अंबानी-अडानी की राजनीति को हराना है"
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि आज देश की राजनीति कुछ चुने हुए अरबपतियों के इर्द-गिर्द घूम रही है। उन्होंने कहा, "GST आप देते हो, लेकिन कर्ज माफ उनका होता है। यह अन्यायपूर्ण है। हम इस प्रणाली को बदलेंगे।" राहुल गांधी ने कहा कि बिहार हमेशा से राजनीतिक बदलाव की धरती रहा है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम, अंग्रेजी शासन के खिलाफ आंदोलन और सामाजिक क्रांतियों में बिहार की भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि अगला बड़ा बदलाव भी यहीं से शुरू होगा। राहुल गांधी ने कहा, "आपने लोकसभा चुनाव में संविधान को बचाने का काम किया है। जहां मेरी जरूरत होगी, मैं हाज़िर रहूंगा। आपकी लड़ाई, मेरी लड़ाई है।"
Read This Also:- Bihar Polls: NDA से नाराज पशुपति पारस का बड़ा दांव, अकेले लड़ सकते हैं चुनाव
Read This Also:- Bihar Polls: NDA से नाराज पशुपति पारस का बड़ा दांव, अकेले लड़ सकते हैं चुनाव





