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कांग्रेस-सपा के बीच ज़ुबानी जंग: अखिलेश पर संदीप दीक्षित की टिप्पणी को लेकर बिफ़रे सपा नेता ने कांग्रेस को लताड़ा

समाजवादी व्यापार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष जगन अग्रवाल ने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित पर तीखा हमला करते हुए उन्हें अपनी पार्टी और उसके नेताओं के बारे में |

कांग्रेस-सपा के बीच ज़ुबानी जंग: अखिलेश पर संदीप दीक्षित की टिप्पणी को लेकर बिफ़रे सपा नेता ने कांग्रेस को लताड़ा
फोटो: Sandeep Dixit, Akhilesh yadav
समाजवादी व्यापार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष जगन अग्रवाल ने कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित पर तीखा हमला करते हुए उन्हें अपनी पार्टी और उसके नेताओं के बारे में बेहद आलोचनात्मक टिप्पणी करने से पहले गंभीर आत्ममंथन करने की सलाह दी। मनीष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि संदीप दीक्षित की राजनीतिक हैसियत इतनी नहीं है कि वे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कोई टिप्पणी करें। मनीष ने आगे यह भी कहा कि संदीप दीक्षित को टिप्पणी करने से पहले अपनी पार्टी के नेताओं से परामर्श करना चाहिए, क्योंकि जिस पार्टी में वे काम कर रहे हैं, उसकी स्थिति बहुत कमजोर है और उनकी भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उन्होंने संदीप दीक्षित को यह सलाह दी कि अगर वे अपनी राजनीतिक स्थिति में सुधार चाहते हैं, तो उन्हें अपने चुनावी मैदान में तीसरे या चौथे नंबर के लिए संघर्ष करने की बजाय अपनी खुद की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। 

मनीष ने यह भी कहा कि संदीप दीक्षित को यह समझना चाहिए कि जो पार्टी अब तक अपने ही आंतरिक विवादों और नेतृत्व संकट से जूझ रही है, उस पार्टी के नेता दूसरों की आलोचना करने से पहले अपनी पार्टी की स्थिति को ठीक करें। यह विवाद तब शुरू हुआ जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया, जिसके बाद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने आलोचना की थी। इस पर मनीष जगन ने पलटवार करते हुए संदीप दीक्षित के राजनीतिक वजूद पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कुछ प्रमुख नेताओं, जैसे कि कमलनाथ और दीपेंद्र हुड्डा, ने भी इस तरह की बयानबाजी की थी, लेकिन इसके बाद उन्होंने पार्टी की गिरती स्थिति और अपनी असफलताओं को भली-भांति महसूस किया है। 

 मनीष जगन ने आगे आरोप लगाया कि संदीप दीक्षित को यह बताना चाहिए कि उनकी पार्टी के नेतृत्व के दौरान दिल्ली मेट्रो, कॉमनवेल्थ गेम्स और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं में जो बड़े घोटाले हुए, उनका क्या हुआ। उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या संदीप दीक्षित को इन घोटालों के बारे में जानकारी नहीं है या वे जानबूझकर इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। मनीष ने राष्ट्रीय हेराल्ड केस का भी उल्लेख किया, जिसमें कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी जमानत पर हैं। उन्होंने संदीप दीक्षित से पूछा कि क्या उन्हें ऐसे भ्रष्टाचार और राजनीतिक असफलताओं के मामलों को बढ़ावा देना सही लगता है? मनीष जगन ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता, विशेषकर संदीप दीक्षित, को यह समझना चाहिए कि उनकी पार्टी की अंदरूनी हालत और उनकी व्यक्तिगत टिप्पणियां पार्टी के लिए न सिर्फ नुकसानदायक हैं, बल्कि यह पूरे देश के सामने कांग्रेस की छवि को और भी खराब कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कांग्रेस पार्टी इसी तरह की राजनीति करती रही तो उसे और भी बड़ी हार का सामना करना पड़ेगा। 

 संदीप दीक्षित के खिलाफ मनीष जगन की यह टिप्पणी केवल एक राजनीतिक विवाद तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह कांग्रेस के आंतरिक संकट और नेतृत्व पर भी सवाल उठाती है। मनीष ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक कांग्रेस के नेता अपने गिरे हुए राजनीतिक वजूद को सुधारने की कोशिश नहीं करेंगे, तब तक वे दूसरों को आलोचना करने के बजाय अपनी पार्टी की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करें।

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