22 मार्च तक कमेटी सौंपेगी रिपोर्ट, बुलडोजर चलने की आशंका
गठित जांच कमेटी को तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी, जो 22 मार्च को प्रस्तुत की जाएगी। रिपोर्ट में अगर निर्माण में अनियमितता या कोई गड़बड़ी पाई जाती है और नक्शा स्वीकृत नहीं होता है, तो जियाउर रहमान बर्क के घर पर प्रशासन बुलडोजर चला सकता है।
गौरतलब है कि यह मामला नया नहीं है। पिछले साल भी जियाउर रहमान बर्क को निर्माणाधीन मकान को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। सांसद संभल के दीप सराय इलाके में एक मकान बना रहे हैं, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि यह उनका पुश्तैनी मकान था, जिसे गिराकर नया निर्माण कराया जा रहा है।
हालांकि, प्रशासन ने इस निर्माण को लेकर 5 दिसंबर को नोटिस जारी किया था और उनसे नक्शे की प्रति मांगी गई थी। लेकिन अब तक कोई वैध दस्तावेज प्रशासन को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
संभल की एसडीएम वंदना मिश्रा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा,
"मंगलवार को इस मामले की सुनवाई थी, लेकिन सपा सांसद (जियाउर रहमान बर्क) की ओर से न ही कोई सबूत पेश किया गया और न ही कोई ऐसा दस्तावेज प्रस्तुत किया गया जिससे साबित हो कि यह कोई नया निर्माण नहीं है। साथ ही यह भी प्रमाणित नहीं किया गया कि यह मकान किसी और के नाम पर है।"
उन्होंने आगे कहा,
"हमने एक संयुक्त टीम गठित की है, जो मौके पर जाकर जांच करेगी कि यह नया निर्माण कितना पुराना है। तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अगली सुनवाई की तारीख 22 मार्च तय की गई है।"
यह पहली बार नहीं है जब जियाउर रहमान बर्क किसी विवाद में घिरे हैं। इससे पहले उन पर बिजली चोरी का मामला भी दर्ज किया गया था। उनके आवास पर बिजली चोरी पकड़ी गई थी, जिसके बाद उन पर 1 करोड़ 91 लाख रुपये का भारी भरकम जुर्माना लगाया गया था। जुर्माना लगने के बाद उनके आवास की बिजली भी काट दी गई थी।
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