"परिसीमन का कानूनी विरोध जरूरी" - स्टालिन
मुख्यमंत्री स्टालिन ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
"मैं आप सभी से अपील करता हूं कि इस राजनीतिक मामले को कानूनी तरीके से चुनौती देने के लिए आवश्यक सुझाव दें। अगर हम सभी एकजुट होकर विरोध करेंगे, तभी निष्पक्ष परिसीमन सुनिश्चित कर सकते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी हाल में हमारा प्रतिनिधित्व कम न हो।"
स्टालिन ने चेतावनी दी कि जनसंख्या आधारित परिसीमन से तमिलनाडु जैसे राज्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा,
"हमने जनसंख्या नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं, लेकिन अब इसी आधार पर हमें दंडित किया जा रहा है। यह गलत है। संसद में हमारे प्रतिनिधित्व में कमी आने से हमारी राजनीतिक ताकत भी घटेगी।"
उन्होंने मणिपुर का उदाहरण देते हुए बताया कि संख्याबल की कमी से राजनीतिक आवाज कमजोर पड़ जाती है।
"पिछले दो वर्षों से मणिपुर जल रहा है, लेकिन वहां के लोगों की आवाज दबा दी जाती है क्योंकि उनके पास संसद में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है।" स्टालिन ने जोर देकर कहा कि यह केवल संख्या का मुद्दा नहीं है, बल्कि राजनीतिक अधिकार, शक्ति और भविष्य की लड़ाई है।
"संसद में हमारी सीटें घटेंगी तो महिला सशक्तिकरण, छात्रों के अवसर और किसानों के समर्थन पर सीधा असर पड़ेगा।"
उन्होंने चेतावनी दी कि परिसीमन प्रक्रिया से एससी-एसटी और अन्य वंचित समुदायों का प्रतिनिधित्व असमान रूप से प्रभावित होगा।
"सामाजिक न्याय, जिसे हमने वर्षों से सुरक्षित रखा है, अब खतरे में पड़ सकता है।"
उदयनिधि स्टालिन ने भी जताई चिंता
तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने भी बैठक को संबोधित किया। उन्होंने तमिलनाडु के जनसंख्या नियंत्रण प्रयासों को गिनाते हुए कहा कि अब इस उपलब्धि को दंडित किया जा रहा है।
"दशकों से तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्यों ने जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए नीतियां लागू कीं, जागरूकता बढ़ाई और राष्ट्रीय लक्ष्य - स्थिर जनसंख्या वृद्धि - को हासिल किया। लेकिन अब, इसके लिए पुरस्कृत होने की बजाय, हमें राजनीतिक प्रतिनिधित्व खोने का खतरा झेलना पड़ रहा है।"
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु कई अन्य राज्यों की तुलना में जनसंख्या प्रतिस्थापन दर तक पहले पहुंच गया।
"हमने जिम्मेदारी से काम किया, लेकिन इसके बावजूद अब हमें दंडित किया जा रहा है।" स्टालिन ने दोहराया कि विपक्ष परिसीमन का विरोध नहीं कर रहा, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहता है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष हो और इससे किसी राज्य का राजनीतिक प्रतिनिधित्व कमजोर न हो।
Read This Also:- जया बच्चन ने किया कामरा का समर्थन, कहा - "अगर बोलने पर पाबंदी लगेगी, तो मीडिया का क्या होगा?"
Read This Also:- जया बच्चन ने किया कामरा का समर्थन, कहा - "अगर बोलने पर पाबंदी लगेगी, तो मीडिया का क्या होगा?"





