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झारखंड के दुमका में अंधविश्वास ने ली जान, सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

झारखंड के दुमका जिले में एक गंभीर और खौफनाक घटना को लेकर हड़कंप मच गया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मालभंडारो पंचायत के पकड़िया गांव में मंगलवार को एक |

झारखंड के दुमका में अंधविश्वास ने ली जान, सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
फोटो: Jharkhand, Dumka
झारखंड के दुमका जिले में एक गंभीर और खौफनाक घटना को लेकर हड़कंप मच गया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मालभंडारो पंचायत के पकड़िया गांव में मंगलवार को एक पिता-पुत्र को उनके ही रिश्तेदारों ने घर से घसीटकर बुरी तरह पीटा। इस घटना के परिणामस्वरूप दोनों को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए दुमका के फुलो-झानो मेडिकल कॉलेज (पीजेएमसीएच) में भर्ती कराया। उपचार के दौरान नरेश राणा (40 वर्ष) की दुखदायी मौत हो गई, जबकि उनके पिता वर्द्धन राणा (75 वर्ष) की हालत में सुधार नहीं हो रहा है और वह गंभीर स्थिति में हैं। यहां तक कि आरोपियों ने पिटाई के दौरान एक गोली भी चलाई, जिसमें वर्द्धन राणा के हाथ में एक गोली लगी। इस मामले में पुलिस ने मुफस्सिल थाने में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। 

नरेश राणा की बहन, मीनू कुमारी ने घटना के बारे में खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी गुलाब राणा उर्फ गुलाल मड़ैया का पिता दीबू मड़ैया पिछले कुछ समय से बीमार है। जब उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ, तब परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर उन्होंने मीनू की मां पर डायन होने का आरोप लगाकर उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। मीनू ने कहा कि इस पूरे मामले का विरोध करने पर आरोपी अक्सर उन्हें गालियाँ देने लगे। अगस्त 2024 में, नरेश ने इस प्रकार की प्रताड़ना की शिकायत मुफस्सिल थाने में की थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी पक्ष को बुलाकर समझाने की कोशिश की थी। उस समय आरोपियों ने यह वादा किया था कि वे आगे ऐसी गलतियों को नहीं दोहराएंगे। लेकिन मंगलवार को एक बार फिर से आरोपी उसी तरह की हरकतें करने लगे और मीनू की मां को डायन कहकर अपशब्द कहने लगे। जब मीनू के पिता वर्द्धन और भाई नरेश ने इसका विरोध किया, तो आरोपी घर में घुस आए और दोनों को घर से बाहर खींचकर पीटने लगे।

 इतना ही नहीं, नरेश को बिजली के पोल से बांधकर लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा गया। इस भयानक घटना में नरेश के पिता, मां और पत्नी को भी चोटें आईं, जब उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को बचाने की कोशिश की। स्थानीय ग्रामीणों ने यह देखकर घटना की जानकारी तुरंत मुफस्सिल थाना पुलिस को दी। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और नरेश को पोल से मुक्त कराकर और साथ ही उसके पिता को भी सुरक्षित किया। इसके बाद दोनों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। लेकिन, दुर्भाग्यवश, नरेश की शाम करीब 4 बजे इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। जबकि वर्द्धन राणा की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। मृतक नरेश की मां, कोयनावति राणा के बयान पर पुलिस ने दीबू मड़ैया, उनके पुत्र गुलाब मड़ैया, और उनके भाई चूंनू, बबलू मड़ैया के अलावा अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सभी पर नरेश के साथ मारपीट करने और उसकी हत्या का आरोप लगाया गया है।

 शव का पोस्टमार्टम बुधवार को किया जाएगा, लेकिन इस मामले में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। गौरतलब है कि वर्द्धन राणा भारतीय सेना से रिटायर हुए हैं और उनका परिवार गांव में खेती-बाड़ी करके जीवन यापन कर रहा था। मीनू ने इस कठिन परिस्थिति में और भी जानकारी देते हुए बताया कि उसके दो भाई हैं और नरेश की शादी हो चुकी थी, इससे उनके छोटे-छोटे बच्चे भी हैं। दुमका के एसपी पीतम्बर सिंह ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि यह मारपीट की घटना मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे हुई थी। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया और नरेश की मृत्यु की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि इस मामले में डायन-बिसाही का क्या मामला है, इसकी गहन जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि इस घृणित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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