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'जमीनी नेता थे शिबू सोरेन'- पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो संरक्षक शिबू सोरेन का सोमवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई।

'जमीनी नेता थे शिबू सोरेन'- पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक
फोटो: 'जमीनी नेता थे शिबू सोरेन'- पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर पीएम मोदी ने जताया शोक
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो संरक्षक शिबू सोरेन का सोमवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। ‘दिशोम गुरु’ के नाम से पहचाने जाने वाले सोरेन लंबे समय से बीमार चल रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “श्री शिबू सोरेन जी एक जमीनी नेता थे, जिन्होंने जनता के प्रति अटूट समर्पण के साथ सार्वजनिक जीवन में ऊंचाइयों को छुआ। वे आदिवासी समुदायों, गरीबों और वंचितों के सशक्तिकरण के लिए विशेष रूप से समर्पित थे। उनके निधन से गहरा दुःख हुआ है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी से बात की और संवेदना व्यक्त की। ॐ शांति।”

राज्यपाल और नेताओं ने शिबू सोरेन को दी श्रद्धांजलि


झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने अपने शोक संदेश में कहा, “शिबू सोरेन जी आदिवासी अस्मिता और अधिकारों की सशक्त आवाज थे। समाज के लिए उनका योगदान अविस्मरणीय रहेगा। यह समाचार अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है।” कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने शिबू सोरेन को झारखंड की आत्मा करार देते हुए कहा, “अलग झारखंड राज्य के निर्माण में उनका ऐतिहासिक योगदान रहा है। वे सदैव गरीबों, दलितों और आदिवासियों की आवाज बने रहे। यह राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है।”

सोरेन के निधन के मद्देनज़र झारखंड विधानसभा की कार्यवाही सोमवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने कहा, “दिशोम गुरु शिबू सोरेन आज परलोक सिधार गए… उनका जाना न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे हमेशा गरीबों और हाशिए पर खड़े लोगों के लिए संघर्ष करते रहे।”

मंगलवार को अंतिम संस्कार


शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर आज शाम छह बजे तक झारखंड लाया जाएगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, पार्थिव शरीर को सबसे पहले रांची स्थित मोरहाबादी आवास पर ले जाया जाएगा, जहां उनके परिजन और करीबी लोग अंतिम दर्शन कर सकेंगे। मंगलवार सुबह उनका पार्थिव शरीर झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय कार्यालय में आम जनता के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके पश्चात पार्थिव शरीर को झारखंड विधानसभा परिसर ले जाया जाएगा, जहां जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कार्यकर्ता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। अंतिम संस्कार रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में उनके पैतृक निवास पर संपन्न होगा। इसी गांव से शिबू सोरेन ने अपने सामाजिक और राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी, और यहीं उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।