क्या है गोधरा कांड?
27 फरवरी 2002 को गुजरात के गोधरा में अयोध्या से लौट रहे कारसेवकों को ले जा रही साबरमती एक्सप्रेस की एक बोगी में आग लगा दी गई थी। इस हादसे में 58 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद गुजरात में भीषण सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे, जिन पर काबू पाने के लिए केंद्र सरकार को सेना भेजनी पड़ी थी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यह भारत की सबसे भयावह सांप्रदायिक हिंसा में से एक थी।
इस हिंसा में 790 मुस्लिम और 254 हिंदुओं सहित कुल 1044 लोग मारे गए थे। इस दौरान बलात्कार, लूटपाट, संपत्ति के नुकसान और घरों-दुकानों को जलाने जैसी घटनाएं भी सामने आईं। दंगों के चलते करीब 2 लाख लोग विस्थापित हुए, जिनमें से कई अब तक अपने पुराने घरों में नहीं लौट सके और उन्हें नए इलाकों में बसना पड़ा।
गोधरा कांड से जुड़े मामलों की जांच के लिए गठित SIT ने इस पूरी घटना को सोची-समझी साजिश करार दिया था। अदालतों में चले मुकदमों के बाद कई लोगों को दोषी ठहराया गया और सजा सुनाई गई। अब गवाहों की सुरक्षा हटाने के फैसले पर राजनीतिक और कानूनी बहस भी शुरू हो सकती है।
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