राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारतीय सेना ने न केवल आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की, बल्कि भारत का मस्तक भी ऊंचा किया है। हमारी सेना ने बीती रात जिस साहस, रणनीतिक कुशलता और अनुशासन का परिचय दिया, वह अपने आप में ऐतिहासिक है।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “भारतीय सशस्त्र बलों ने सटीकता, सतर्कता और मानवीयता के आदर्शों का पालन करते हुए पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। हमारे सुरक्षा बलों ने जिन लक्ष्यों को ध्वस्त किया, वे आतंक के केंद्र थे। इसके बावजूद उन्होंने सुनिश्चित किया कि कोई भी नागरिक और उनका बुनियादी ढांचा प्रभावित न हो। यह हमारी सेना की संवेदनशीलता और पेशेवर दृष्टिकोण को दर्शाता है।”
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि यह ऑपरेशन केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक संदेश है कि भारत अब आतंकवाद के हर हमले का जवाब निर्णायक, संतुलित और सटीक तरीके से देगा। उन्होंने सेना की वीरता और निष्ठा को सलाम करते हुए कहा, “हमारी सेना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत की सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हम न केवल आतंकी हमलों का जवाब देना जानते हैं, बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार, उच्च नैतिकता और संवेदनशीलता के साथ अंजाम देना भी जानते हैं।”





