उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाएं ताकि मस्जिदों और मौलानाओं से जुड़े जिम्मेदारों के साथ मिलकर नियमों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयान पर अबू आजमी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “जयशंकर के ‘भारत न्यूक्लियर ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा’ वाले बयान के बाद अगर अमेरिका के दबाव में सीजफायर करवा दिया गया तो यह झुकाव नहीं तो और क्या है? उस समय पूरा देश सरकार के साथ खड़ा था और जवाब देना चाहिए था।”
चीन की सीमा पर बढ़ती घुसपैठ को लेकर भी अबू आजमी ने बीजेपी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “बीजेपी कांग्रेस पर आरोप लगाती है, लेकिन चीन द्वारा भारत की जमीन पर कब्जे को लेकर चुप्पी साधे हुए है। जनता को यह जानना चाहिए कि सरकार इस पर क्या कदम उठा रही है।”
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नीति आयोग की बैठक में गैरमौजूदगी पर भी अबू आजमी ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी का यह निर्णय उनका निजी फैसला है, लेकिन यह भी स्पष्ट है कि बीजेपी उन्हें दबाने और परेशान करने की हर संभव कोशिश कर रही है।”





