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पीएम मोदी ने उमर अब्दुल्ला, श्रेया घोषाल, आनंद महिंद्रा समेत 10 हस्तियों को दिया चैलेंज, क्या है वजह

पीएम मोदी ने इस पहल को एक आंदोलन का रूप देने के लिए एक अनोखा चैलेंज भी पेश किया, जिसके तहत उन्होंने 10 प्रतिष्ठित हस्तियों को नामांकित किया और उनसे अनुरोध |

पीएम मोदी ने उमर अब्दुल्ला, श्रेया घोषाल, आनंद महिंद्रा समेत 10 हस्तियों को दिया चैलेंज, क्या है वजह
फोटो: PM Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देश में तेजी से बढ़ रही मोटापे की समस्या पर चिंता जताई। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने खान-पान की आदतों में सुधार करें और खासतौर पर खाने में तेल की मात्रा को 10% तक कम करने की कोशिश करें। पीएम मोदी ने इस पहल को एक आंदोलन का रूप देने के लिए एक अनोखा चैलेंज भी पेश किया, जिसके तहत उन्होंने 10 प्रतिष्ठित हस्तियों को नामांकित किया और उनसे अनुरोध किया कि वे भी 10 अन्य लोगों को इस मुहिम से जोड़ें।

मोटापे के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी की अनोखी पहल


सोमवार को पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा सहित 10 प्रमुख हस्तियों को इस चैलेंज के लिए नॉमिनेट किया। इस सूची में भोजपुरी अभिनेता और पूर्व सांसद दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, ओलंपियन मनु भाकर, भारोत्तोलक मीराबाई चानू, दक्षिण भारतीय अभिनेता मोहनलाल, इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि, बॉलीवुड अभिनेता आर. माधवन, प्रसिद्ध गायिका श्रेया घोषाल और राज्यसभा सांसद एवं लेखिका सुधा मूर्ति भी शामिल हैं।

पीएम मोदी ने इन सभी हस्तियों से अपील की कि वे इस अभियान को आगे बढ़ाएं और प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास के 10 लोगों को जागरूक कर इस पहल से जोड़े। उनका मानना है कि यदि लोग छोटे-छोटे बदलाव करें, जैसे खाने में तेल की मात्रा घटाना, तो इससे न केवल मोटापे पर नियंत्रण पाया जा सकता है, बल्कि दिल की बीमारियों, मधुमेह और तनाव जैसी गंभीर समस्याओं से भी बचा जा सकता है।

‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने क्या कहा?


अपने संबोधन में पीएम मोदी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि साल 2022 में दुनिया भर में लगभग 250 करोड़ लोग मोटापे की समस्या से जूझ रहे थे। यह एक चिंताजनक आंकड़ा है और इसका असर बच्चों पर भी साफ देखा जा सकता है, जहां मोटापे के मामलों में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने सुझाव दिया कि यदि हर व्यक्ति अपने खाने में तेल की मात्रा को 10% तक कम करने का संकल्प ले और इस आदत को अपनाने के लिए अपने परिवार, दोस्तों और परिचितों को भी प्रेरित करे, तो मोटापे जैसी समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने इस पहल को ‘जन आंदोलन’ बनाने की जरूरत पर जोर दिया ताकि यह पूरे देश में एक स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दे सके।

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