मुलाकात के प्रमुख मुद्दे
दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय विकास से संबंधित कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई।
- सुरक्षा चिंताएं: भारत ने अफगानिस्तान से अपनी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखा। भारत की प्रमुख चिंता यह है कि अफगानी धरती का इस्तेमाल भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों के लिए न हो। तालिबान ने इस पर आश्वासन दिया कि वे अपनी जमीन को भारत के खिलाफ आतंकवाद के लिए उपयोग नहीं होने देंगे।
- चाबहार बंदरगाह का उपयोग: ईरान स्थित चाबहार बंदरगाह को भारत-अफगानिस्तान व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ाने के लिए उपयोग करने पर चर्चा हुई।
- मानवीय सहायता: दोनों पक्षों ने भारत द्वारा भेजी गई मानवीय सहायता का मूल्यांकन किया। अफगान मंत्री ने भारत के सहयोग के लिए प्रशंसा व्यक्त की।
भारत का मानवीय सहयोग
भारत ने अफगानिस्तान को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की है, जिसमें शामिल हैं:
- 50,000 मीट्रिक टन गेहूं
- 300 टन दवाइयां और 27 टन भूकंप राहत सामग्री
- 40,000 लीटर कीटनाशक
- पोलियो की 10 करोड़ खुराकें
- कोविड वैक्सीन की 15 लाख डोज
- सर्दियों के कपड़े और नशा मुक्ति किट
क्रिकेट पर चर्चा
बातचीत में दोनों देशों के बीच क्रिकेट के खेल को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। यह विषय भारत-अफगानिस्तान की सांस्कृतिक और जनसंपर्क के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का हिस्सा है। बैठक ऐसे समय पर हुई जब भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान के हवाई हमले की कड़ी निंदा की, जिसमें कई नागरिक मारे गए थे। भारत ने इसे पाकिस्तान की पुरानी आदत बताते हुए कहा कि वह अपनी आंतरिक विफलताओं का दोष अपने पड़ोसियों पर मढ़ता है। विदेश सचिव ने भारत और अफगानिस्तान के लोगों के ऐतिहासिक और घनिष्ठ संबंधों पर जोर दिया। यह बैठक न केवल दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम थी, बल्कि क्षेत्रीय शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण रही।
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