जूनियर पहलवानों पर दबदबा बनाने का आरोप
पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट के अनुसार, सुशील कुमार ने छत्रसाल स्टेडियम में हंगामे की पूरी साजिश रची थी, जिसके दौरान जूनियर रेसलर सागर धनखड़ की मौत हो गई। आरोप है कि सुशील कुमार युवा पहलवानों के बीच अपना प्रभुत्व बनाए रखना चाहते थे और इसी दबदबे की लड़ाई में यह घटना घटी।
यह हमला 4 मई 2021 की रात हुआ था, जिसमें 23 वर्षीय सागर धनखड़, उनके दोस्त सोनू और तीन अन्य लोगों पर हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल सागर की मौत हो गई थी। इसके बाद सुशील कुमार को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर रोहिणी कोर्ट में पेश किया था। अक्टूबर 2021 में उन्हें जेल भेज दिया गया और लगातार कई बार जमानत याचिका खारिज की गई थी।
सुशील कुमार ने छत्रसाल स्टेडियम के अखाड़े से अपने कुश्ती करियर की शुरुआत की थी। मात्र 14 वर्ष की उम्र में उन्होंने अखाड़े में प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। अपनी शानदार उपलब्धियों के चलते उन्हें भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान ‘मेजर ध्यानचंद खेल रत्न’ से नवाजा गया। इसके अलावा, उन्होंने 2010 और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया था।
अब नियमित जमानत मिलने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि सुशील कुमार आगे की कानूनी प्रक्रिया में किस तरह से अपनी बेगुनाही साबित करते हैं और क्या वह एक बार फिर कुश्ती की दुनिया में वापसी कर पाएंगे।
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