सरकार ने माना है कि 1 जुलाई से लागू की गई नीति को लागू करने में कई व्यवहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सीएक्यूएम को लिखे पत्र में स्पष्ट किया कि राजधानी के पेट्रोल पंपों पर लगाए गए ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान प्रणाली (ANPR) कैमरे ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। कई कैमरों में तकनीकी खामियां सामने आई हैं, जिनमें प्लेसमेंट, सेंसर और स्पीकर का काम न करना शामिल है। सिरसा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नागरिकों में इस अभियान को लेकर नाराजगी है और सरकार उनके साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कहा कि सरकार पुराने वाहनों से जुड़ी नीति को लेकर नागरिकों की जरूरतों और आजीविका को प्रभावित न होने देने की दिशा में संतुलन बनाए रखेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली स्वच्छ और सतत परिवहन प्रणाली की दिशा में प्रतिबद्ध है, लेकिन किसी भी निर्णय को लागू करने से पहले जनता की चिंता और तकनीकी आधार को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
बता दें कि दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के 2018 के आदेश के अनुपालन में 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर ईंधन लेने का प्रतिबंध लागू किया था। इसके तहत ऐसे वाहनों की पहचान ANPR कैमरों के जरिए की जानी थी। लेकिन यह प्रणाली न सिर्फ दिल्ली में पूरी तरह प्रभावी नहीं है, बल्कि एनसीआर के अन्य जिलों में भी लागू नहीं की गई है, जिससे एकरूपता और प्रभावशीलता में बाधा आ रही है।





