संगठन के अनुसार, हमले में अजहर की बड़ी बहन, मौलाना कशफ का पूरा परिवार और मुफ्ती अब्दुल रऊफ के पोते-पोतियां मारे गए, जबकि कई अन्य परिजन गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार आज ही किया जाएगा। परिवार के इस भारी नुकसान के बाद मसूद अजहर ने कथित रूप से कहा, “काश मैं भी मारा जाता।”
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सैन्य कार्रवाई को 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया।
सूत्रों के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते से उच्चस्तरीय बैठकों में पीएम मोदी ने यह स्पष्ट कर दिया था कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जिस तरह हिंदू पुरुषों को निशाना बनाया गया, उससे उनकी पत्नियां विधवा हो गईं—यह मानवता के खिलाफ सबसे क्रूर हमला था। इस पर जवाब देना भारत के लिए जरूरी हो गया था।
भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ ने हमले से पहले आतंकी ठिकानों की सटीक पहचान की थी। इसके बाद बहावलपुर, कोटली, मुजफ्फराबाद, और अन्य स्थानों पर जैश और लश्कर के शिविरों को निशाना बनाकर ध्वस्त किया गया। अब तक इस ऑपरेशन में करीब 90 आतंकियों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी और 17 घायल हुए थे। बैसरन घाटी में हुए इस सुनियोजित नरसंहार में आतंकियों ने महिलाओं के सामने उनके पतियों की हत्या कर दी थी।





