स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने पूरे प्रांत में आपातकाल घोषित कर दिया है। एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि सभी शैक्षणिक संस्थानों को बुधवार के लिए बंद कर दिया गया है। पंजाब पुलिस समेत सभी सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, और सभी जिलों की प्रशासनिक इकाइयों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही, सभी डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की छुट्टियाँ तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं और उन्हें ड्यूटी पर लौटने का आदेश दिया गया है। सिविल डिफेंस समेत राहत और बचाव कार्यों से जुड़े सभी विभागों को सक्रिय कर दिया गया है।
एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने एहतियात के तौर पर अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह बंद कर दिया था। अब इसे धीरे-धीरे आंशिक रूप से खोला जा रहा है ताकि सीमित हवाई गतिविधियों को अनुमति दी जा सके। भारतीय हमलों में जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ बहावलपुर समेत कई प्रमुख आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “भारत की कार्रवाई केंद्रित, मापी-तौली और गैर-उत्तेजक थी।” उन्होंने पहलगाम हमले को "अत्यधिक बर्बरता से अंजाम दिया गया आतंकवादी कृत्य" बताया।
कर्नल सोफिया कुरैशी ने जानकारी दी कि यह ऑपरेशन 6-7 मई की रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा, “यह कार्रवाई उन मासूम नागरिकों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए की गई जो पहलगाम हमले में मारे गए थे। इसमें किसी सैन्य ठिकाने या नागरिक क्षेत्र को नुकसान नहीं पहुँचाया गया।” ऑपरेशन में नौ आतंकी शिविरों को पूरी तरह नष्ट किया गया।





