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Maharashtra Budget: लड़की बहिन स्कीम के बजट में महायुति सरकार ने की बड़ी कटौती, महिला शशक्तिकरण का दिया हवाला

महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने सोमवार को विधानसभा में 2025-26 के बजट को पेश किया, जिसमें वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम अजीत पवार ने राज्य सरकार की |

Maharashtra Budget: लड़की बहिन स्कीम के बजट में महायुति सरकार ने की बड़ी कटौती, महिला शशक्तिकरण का दिया हवाला
फोटो: Maharashtra Budget: लड़की बहिन स्कीम के बजट में महायुति सरकार ने की बड़ी कटौती, महिला शशक्तिकरण का दिया हवाला
महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार ने सोमवार को विधानसभा में 2025-26 के बजट को पेश किया, जिसमें वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम अजीत पवार ने राज्य सरकार की नई योजनाओं के साथ-साथ कई पुरानी योजनाओं के विस्तार की भी घोषणा की। इस बजट में एक प्रमुख घोषणा 'लड़की बहन योजना' के बजट में कटौती से जुड़ी थी, जिसे लेकर विवाद उत्पन्न हो सकता है। पिछले वर्ष 2024-25 के लिए इस योजना के लिए 40,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था, जबकि इस वर्ष इसे घटाकर 10,000 करोड़ रुपये कम कर दिया गया है। यह योजना विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई थी, जिससे गरीब और कमजोर वर्ग की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद मिल सके। विधानसभा चुनाव के दौरान इस योजना को एक अहम मुद्दा बना दिया गया था, जिसके चलते यह फैसला काफी महत्वपूर्ण हो गया है।

 वित्त मंत्री अजीत पवार ने इस बजट में बताया कि जुलाई 2024 से अब तक 'लड़की बहन योजना' के तहत कुल 33,232 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, और इससे राज्य भर के 2.53 करोड़ लाभार्थियों को लाभ हुआ है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस योजना के लिए 2024-25 के वित्तीय वर्ष में 46,000 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था, लेकिन अब उसे घटाकर 36,000 करोड़ रुपये किया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब राज्य सरकार पर पहले से ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर दबाव था।

 लड़की बहन योजना के उद्देश्य और घोषणाएं


इस योजना की शुरुआत जुलाई 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा की गई थी, और इसका उद्देश्य महाराष्ट्र की महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। योजना के तहत, महिलाओं के आधार से जुड़े खातों में हर महीने 1500 रुपये जमा करने का प्रस्ताव था। शुरू में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया था कि यह योजना केवल चुनावी फायदे के लिए लागू की जा रही है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया कि चुनावों के बाद भी इस योजना को निरंतर जारी रखा जाएगा। इसके साथ ही, बीजेपी ने यह वादा किया था कि महायुति सरकार के आने पर महिलाओं के खातों में 1500 रुपये की बजाय 2100 रुपये प्रति माह की राशि दी जाएगी। 

सरकार के अन्य महत्वपूर्ण ऐलान 


अजीत पवार ने अपने बजट भाषण में कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की। उन्होंने मुंबई के लिए तीसरे हवाई अड्डे के निर्माण का प्रस्ताव रखा, जिसे वधावन बंदरगाह के पास बनाया जाएगा। इसके अलावा, मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन के लिए एक नया स्टेशन भी इसी बंदरगाह के नजदीक बनेगा। इसके साथ ही, महाराष्ट्र की नई औद्योगिक नीति के तहत 40 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 50 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। पवार ने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र को एक प्रमुख विकास केंद्र के रूप में तैयार किया जा रहा है, और 2047 तक इसकी अर्थव्यवस्था को 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

नवी मुंबई और शिरडी हवाई अड्डे से जुड़ी घोषणाएं


पवार ने अपने बजट भाषण में यह भी घोषणा की कि शिरडी हवाई अड्डे पर रात के समय विमानों के उतरने की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे हवाई यात्रा को और सुगम बनाया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि अगले महीने से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानें संचालित की जाएंगी। इस हवाई अड्डे के निर्माण का 85 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, और इसके परीक्षण भी सफलतापूर्वक किए गए हैं। 

 पवार ने बताया कि मुंबई में मेट्रो सेवा का विस्तार किया जाएगा, जिससे छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि कई प्रमुख मार्गों पर मेट्रो नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, जिससे यात्रा की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और मुंबई में यातायात की समस्या को काफी हद तक हल किया जा सकेगा। इन घोषणाओं के साथ ही अजीत पवार ने यह भी कहा कि राज्य सरकार मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दे रही है, ताकि आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों का समग्र विकास हो सके और राज्य की अर्थव्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

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