दिल्ली में हो रही राजनीतिक बैठकों और डिनर डिप्लोमैसी से यह संकेत मिल रहा है कि उद्धव ठाकरे की शिवसेना में अंदरखाने हलचल तेज हो चुकी है और पार्टी में फूट की संभावनाएं बढ़ रही हैं। शिंदे गुट पहले ही ‘ऑपरेशन टाइगर’ का ऐलान कर चुका है। फडणवीस सरकार में मंत्री और शिंदे गुट के नेता उदय सामंत ने दावा किया है कि कुछ लोग अब खुलकर सामने आ रहे हैं, जबकि कुछ अभी भी पर्दे के पीछे हैं, लेकिन सही समय पर वे भी हमारे साथ आ जाएंगे।
डिनर डिप्लोमैसी का असर
उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों की हालिया गतिविधियों ने भी राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। तीन दिन पहले शिवसेना (यूबीटी) के हिंगोली से सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर की डिनर पार्टी में शिंदे गुट के नरेश महस्के और श्रीरंग बारने मौजूद रहे। वहीं, केंद्रीय राज्यमंत्री और शिंदे गुट के नेता प्रताप जाधव की डिनर पार्टी में उद्धव ठाकरे गुट के सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर, भाऊ साहब वाक चौरे और संजय जाधव शामिल हुए।
दिल्ली में एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, एकनाथ शिंदे को शरद पवार द्वारा सम्मानित किए जाने के कार्यक्रम में भी उद्धव गुट के सांसद संजय पाटिल उपस्थित रहे।
इन सभी घटनाओं के बाद शिवसेना (यूबीटी) में बेचैनी बढ़ गई है। आदित्य ठाकरे ने इन बैठकों को लेकर कहा कि जो भी सांसद वहां गए थे, वे खुद इसकी वजह बता सकते हैं, लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि वे शरद पवार से मिलने गए हों।
शिंदे गुट के मंत्री उदय सामंत ने इन घटनाओं को लेकर दावा किया कि कई नेता एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं और धीरे-धीरे यह बात सार्वजनिक हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ नेता अब खुलकर सामने आ रहे हैं, जबकि कुछ अभी भी छिपे हुए हैं, लेकिन सही समय पर वे भी शिंदे गुट में शामिल होंगे। हालांकि, जिन सांसदों ने शिंदे गुट के नेताओं के कार्यक्रम में शिरकत की थी, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे कहीं नहीं जा रहे हैं और उद्धव ठाकरे के साथ ही रहेंगे।
आदित्य ठाकरे और राहुल गांधी की मुलाकात
इस सियासी घमासान के बीच शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच लोकसभा चुनाव और निर्वाचन आयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। आदित्य ठाकरे की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब शरद पवार के कदम से एमवीए में तनाव बढ़ गया है।
शरद पवार द्वारा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सम्मानित किए जाने के बाद उद्धव ठाकरे गुट ने नाराजगी जताई है। पार्टी का कहना है कि जो व्यक्ति महाराष्ट्र के हितों के खिलाफ काम कर रहा है, उसे सम्मानित करना गलत है। आदित्य ठाकरे ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "जो लोग महाराष्ट्र विरोधी हैं, वे राष्ट्र विरोधी भी हैं। हम ऐसे लोगों को सम्मानित नहीं कर सकते जो इस तरह के गंदे कामों में लिप्त हैं। यह हमारे सिद्धांतों के खिलाफ है। मुझे नहीं पता कि शरद पवार के सिद्धांत क्या हैं, लेकिन हमारे आदर्शों के अनुरूप यह नहीं है।"
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