शिवसेना-एनसीपी और बीजेपी पर तंज, शिंदे पर तीखा वार
अपने शो में कुणाल कामरा ने महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति को हास्य और व्यंग्य के मिश्रण से पेश किया। उन्होंने शिवसेना, बीजेपी, एनसीपी में हुई उथल-पुथल पर चुटकी लेते हुए कहा,
"शिवसेना, बीजेपी से बाहर आ गई। फिर शिवसेना, शिवसेना से बाहर आ गई। फिर एनसीपी, एनसीपी से निकल गई। एक मतदाता को 9 बटन दे दिए गए, जिससे हर कोई कंफ्यूज था। पार्टी की शुरुआत एक व्यक्ति ने की थी, जो ठाणे से आते हैं – मुंबई का एक बड़ा जिला है।"
इसके बाद कामरा ने फिल्म ‘दिल तो पागल है’ के मशहूर गाने की धुन पर एकनाथ शिंदे पर तंज कसा और उन्हें ‘गद्दार’ कहकर संबोधित किया। उनके गीत के बोल कुछ इस तरह थे:
"थाणे की रिक्शा… चेहरे पर दाढ़ी… आँखों पे चश्मा, हाय!
थाणे की रिक्शा… चेहरे पर दाढ़ी… आँखों पे चश्मा, हाय!
एक झलक दिखलाए, कभी गुवाहाटी में छुप जाए,
मेरी नजर से तुम देखो, गद्दार नजर वो आए!"
शिंदे समर्थकों का गुस्सा फूटा, स्टूडियो में तोड़फोड़
कामरा के इस व्यंग्यात्मक गाने और टिप्पणियों से शिवसेना कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। गुस्साए शिवसैनिकों ने मुंबई स्थित उनके स्टूडियो में घुसकर तोड़फोड़ की और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, शिवसेना के समर्थकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद कुणाल कामरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई।
कुणाल कामरा ने अपने शो में सिर्फ शिंदे ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने शिंदे के शिवसेना से अलग होने के निर्णय को लेकर कहा,
"सोचिए, यह पॉलिटिक्स थी इनकी। परिवारवाद खत्म करना था, लेकिन बाप ही छीन लिया।"
उन्होंने आगे व्यंग्य करते हुए कहा,
"मैं कल तेंदुलकर के बेटे से मिलूं, आधे घंटे उनकी तारीफ करूं और फिर कह दूं कि आज से वो मेरा बाप है। तू कोई और ढूंढ ले, ऑन द वे!"
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