खट्टर का बयान: पंडित नेहरू से सरदार पटेल और डॉ. आंबेडकर तक का जिक्र
मनोहर लाल खट्टर ने अपने बयान में पंडित नेहरू के प्रधानमंत्री बनने को संयोग बताया और कहा कि उनके स्थान पर जो लोग इस पद के हकदार थे, वे सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. बीआर आंबेडकर थे। इस दौरान उन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर की सराहना भी की और कहा कि उनका योगदान भारतीय संविधान को आकार देने में अभूतपूर्व था।
आंबेडकर के प्रति खट्टर का सम्मान
हरियाणा के रोहतक में एक कार्यक्रम के दौरान मनोहर लाल खट्टर ने डॉ. आंबेडकर के योगदान को लेकर कहा, "संविधान हमारा पवित्र ग्रंथ है और हमें इसे आकार देने में डॉ. आंबेडकर के योगदान को हमेशा याद रखना चाहिए।" इसके अलावा, उन्होंने आंबेडकर के जीवन में आई कठिनाइयों का जिक्र किया और कहा कि उनकी मृत्यु के बाद उन्हें दिल्ली में दाह संस्कार के लिए एक स्थान तक नहीं दिया गया। खट्टर ने यह भी बताया कि उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद, आंबेडकर से जुड़े पांच पवित्र स्थानों की स्थापना की गई, जो भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम था।
भूपिंदर सिंह हुड्डा का पलटवार: "खट्टर खुद बने एक्सीडेंटल सीएम"
मनोहर लाल खट्टर के बयान के बाद कांग्रेस पार्टी ने इसे लेकर तीव्र आलोचना की। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा, "जो खुद एक 'एक्सीडेंटल मुख्यमंत्री' बने हैं, उन्हें दूसरों के बारे में ऐसे बयान नहीं देने चाहिए।" हुड्डा का इशारा इस तथ्य की ओर था कि खट्टर 2014 में भाजपा की सत्ता में वापसी के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री बने थे, जब पार्टी को बहुमत हासिल नहीं हुआ था।
हुड्डा का दिल्ली चुनावों पर बयान: महागठबंधन की ताकत
भूपिंदर सिंह हुड्डा ने इंडिया गठबंधन के बारे में भी टिप्पणी की और कहा कि यह गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए था। अगर आज लोकसभा चुनाव होते हैं, तो महागठबंधन इसका मुकाबला करेगा। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस इस बार बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी और दिल्ली में सरकार बनाएगी।
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