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Jharkhand: JAC मैट्रिक प्रश्नपत्र लीक मामला, दो लोग गिरफ़्तार, साइबर सेल दबिश में लगा

झारखंड एकेडमिक काउंसिल JAC के मैट्रिक प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रशासन ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को कोडरमा जिले से दो लोगों को |

Jharkhand: JAC मैट्रिक प्रश्नपत्र लीक मामला, दो लोग गिरफ़्तार, साइबर सेल दबिश में लगा
फोटो: Jharkhand, JAC matriculation, cyber cell raided
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) के मैट्रिक प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रशासन ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार को कोडरमा जिले से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि जमशेदपुर से एक और आरोपी को पकड़कर पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा, गढ़वा के भवनाथपुर क्षेत्र में छह व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है, जहां उनकी पूछताछ जारी है। गढ़वा में तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है, और पुलिस की टीम लगातार विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही है। साथ ही, साइबर सेल की टीम ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे लोगों की पहचान करना शुरू कर दिया है और उन पर दबिश बढ़ाने का काम कर रही है।

 इस मामले में शुक्रवार को कोडरमा पुलिस ने मरकच्चो के जामू गांव स्थित प्रज्ञा उच्च विद्यालय के संचालक प्रशांत कुमार और हरलाडीह के आशीष साव को गिरफ्तार किया। इन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कोडरमा जिले के शिक्षा विभाग के अवर निरीक्षक (डीईओ) अविनाश कुमार राम ने मरकच्चो थाने में मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई। इसके अलावा, जमशेदपुर के बिरसानगर निवासी एक छात्र को भी गिरफ्तार किया गया है, जो परीक्षा के दौरान लीक हुए प्रश्नपत्र से संबंधित था। गढ़वा में भी मामले की जांच जारी है और वहां लगातार छापेमारी की जा रही है। बता दें कि 18 फरवरी को हिंदी और 20 फरवरी को विज्ञान की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हो गए थे, जिसके बाद जैक ने दोनों परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। पेपर लीक मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जैक कार्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। 

प्रदर्शनकारियों ने जैक अध्यक्ष से इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की मांग की। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर प्रशासन को त्वरित और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। इस दौरान, एबीवीपी के प्रदेश सह मंत्री ऋतुराज शाहदेव और सौरभ यादव को पुलिस ने हिरासत में लिया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे शांतिपूर्वक जैक अध्यक्ष से मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने सरकार के दबाव में उनकी आवाज दबाने की कोशिश की। एबीवीपी की केंद्रीय कार्य समिति की सदस्य दिशा दित्या ने आरोप लगाया कि सरकार और शिक्षा विभाग की विफलता को छुपाने के लिए प्रशासन ने ऐसा कदम उठाया। उन्होंने कहा कि 10वीं की परीक्षा के संचालन में सरकार और जैक बोर्ड पूरी तरह से असफल साबित हुए हैं, और अब इस विफलता को छुपाने के लिए प्रशासन को आगे किया जा रहा है। 

 एबीवीपी के रांची जिला संयोजक पवन नाग ने कहा कि झारखंड सरकार ने छात्रों की आवाज को दबाने के लिए प्रशासन का गलत इस्तेमाल किया है, लेकिन वे इस मामले में सरकार से संघर्ष करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर पेपर लीक जैसी घटना को नजरअंदाज किया और अब उसे छुपाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। इस बीच, झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर जांच में कोई भी दोषी पाया गया तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि राज्यभर में पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों की मॉनिटरिंग आईजी सीआईडी असीम विक्रांत मिंज कर रहे हैं और कई जिलों में पहले ही बड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। डीजीपी ने यह भी कहा कि इस मामले में कोई भी अपराधी बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

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