ओवरग्राउंड वर्कर्स और हाइब्रिड आतंकियों पर शिकंजा
एनआईए की इस छापेमारी में उन ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के परिसरों को खंगाला गया जो आतंकी संगठनों को लॉजिस्टिक और वित्तीय मदद मुहैया कराते हैं। इसके अलावा, हाइब्रिड आतंकियों के ठिकानों पर भी विशेष रूप से नजर रखी जा रही है। हाइब्रिड आतंकी वे लोग होते हैं जो आम नागरिकों की तरह रहते हैं लेकिन किसी भी मौके पर आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए सक्रिय हो जाते हैं। एनआईए ने गृह मंत्रालय के निर्देश के तहत यह कार्रवाई की है। जांच एजेंसी को सूचना मिली थी कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के आतंकी भारत में घुसपैठ की योजना बना रहे हैं। यह घुसपैठ अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) और नियंत्रण रेखा (LoC) के जरिए कराई जा रही थी।
एनआईए इससे पहले भी इसी मामले में कई स्थानों पर छापेमारी कर चुकी है। पिछले साल नवंबर में भी इसी तरह के तलाशी अभियान के दौरान एजेंसी ने कई संदिग्धों के परिसरों से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे, जिनसे आतंकी संगठनों के मंसूबों का खुलासा हुआ था। एनआईए के अधिकारियों का कहना है कि इस बार भी बड़ी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी गहन जांच की जाएगी।
सरकार और सुरक्षा एजेंसियां लगातार आतंकवाद के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए काम कर रही हैं। जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठनों के मददगारों पर शिकंजा कसने के लिए यह अभियान बेहद अहम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, आतंकियों की घुसपैठ रोकने के लिए सीमावर्ती इलाकों पर सुरक्षा भी और कड़ी कर दी गई है।





