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दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी तो कौन संभालेगा कमान? पहली पसंद का खुलासा

इस सर्वे के अनुसार, मुख्यमंत्री पद के लिए दिल्ली की जनता की पहली पसंद अरविंद केजरीवाल हैं, जिन्हें 33% लोगों का समर्थन मिला है।BJP के प्रवेश वर्मा 13% वोटों |

दिल्ली में भाजपा की सरकार बनी तो कौन संभालेगा कमान? पहली पसंद का खुलासा
फोटो: BJP government, Delhi Assembly Election
दिल्ली में किसकी सरकार बनेगी, इसका फैसला 8 फरवरी को हो जाएगा, और सुबह 11 बजे तक तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। ज़्यादातर एग्ज़िट पोल के मुताबिक, दिल्ली में भाजपा की वापसी तय मानी जा रही है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा? क्या पार्टी कोई नया चेहरा सामने लाएगी, जैसा कि उसने हाल के वर्षों में कई राज्यों में किया है, या फिर किसी चर्चित नेता को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी?

मुख्यमंत्री पद का फैसला भाजपा आलाकमान करेगा, लेकिन एक्सिस माई इंडिया एग्ज़िट पोल में जनता की राय सामने आई है। इस सर्वे के अनुसार, मुख्यमंत्री पद के लिए दिल्ली की जनता की पहली पसंद अरविंद केजरीवाल हैं, जिन्हें 33% लोगों का समर्थन मिला है। भाजपा के प्रवेश वर्मा 13% वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। 

दिलचस्प बात यह है कि इस सूची में भाजपा सांसद मनोज तिवारी और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा जैसे नाम भी शामिल थे। सर्वे के मुताबिक, 12% लोगों ने भाजपा से किसी तीसरे नए चेहरे को सीएम बनाने की वकालत की, जबकि 9% लोगों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त बताया। वहीं, भाजपा के दिल्ली अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को मात्र 2% लोगों ने समर्थन दिया।

एक्सिस माई इंडिया का एग्ज़िट पोल: दिल्ली में सत्ता परिवर्तन तय?


इस एग्ज़िट पोल के मुताबिक, दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा की सत्ता में वापसी हो सकती है। सर्वे का अनुमान है कि भाजपा 45-55 सीटें जीत सकती है, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) को 15-25 सीटें मिलने की संभावना है। कांग्रेस की स्थिति और खराब होती दिख रही है, जिसे केवल 0-1 सीट मिलने का अनुमान है। वोट शेयर की बात करें तो भाजपा को 48% वोट मिलने का अनुमान है, जबकि AAP को 42% और कांग्रेस को मात्र 7% वोट मिलने की संभावना जताई गई है। अगर एग्ज़िट पोल के नतीजे सही साबित होते हैं, तो दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब सबकी निगाहें 8 फरवरी पर टिकी हैं, जब जनता के असली फैसले से पर्दा उठेगा।

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