रविवार को इस योजना की जानकारी साझा करते हुए सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी, ताकि जरूरतमंद महिलाओं को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की महिलाओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है। तिवारी के मुताबिक, इस योजना के तहत चयनित लाभार्थियों के खाते में एक महीने के भीतर पैसे ट्रांसफर किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
मनोज तिवारी ने कहा कि भाजपा ने दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए हर महीने ₹2,500 की सहायता राशि देने का वादा किया था। सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य भाजपा नेताओं ने इस वादे को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। हालांकि, नवगठित सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका। इसके चलते विपक्षी दलों ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे, लेकिन अब इस योजना की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने जा रही है।
मनोज तिवारी ने विपक्ष से भी अपील की कि वे इस योजना को सफलतापूर्वक लागू करने में सकारात्मक सहयोग दें। उन्होंने कहा कि विधानसभा के विस्तारित सत्र को आम जनता के हित में उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि इस योजना का क्रियान्वयन सुचारू रूप से हो सके और कोई भी पात्र महिला इससे वंचित न रहे। इस योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल गरीब महिलाओं को आर्थिक सहारा मिलेगा, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार होगा। यह योजना महिलाओं को वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाने और उनकी आजीविका में सुधार लाने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।
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