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वक्फ अधिनियम पर समर्थन जताना पड़ा भारी, मणिपुर में BJP नेता के घर आगजनी

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अल्पसंख्यक मोर्चा की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष असकर अली के आवास को रविवार देर रात उग्र भीड़ ने आग के हवाले कर दिया।

वक्फ अधिनियम पर समर्थन जताना पड़ा भारी, मणिपुर में BJP नेता के घर आगजनी
फोटो: वक्फ अधिनियम पर समर्थन जताना पड़ा भारी, मणिपुर में BJP नेता के घर आगजनी
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अल्पसंख्यक मोर्चा की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष असकर अली के आवास को रविवार देर रात उग्र भीड़ ने आग के हवाले कर दिया। यह हिंसक घटना मणिपुर के थौबल जिले के लिलोंग क्षेत्र में हुई, जहां भीड़ ने उनके घर में तोड़फोड़ करने के बाद उसे आग लगा दी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अली के खिलाफ यह हमला कथित तौर पर वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 के समर्थन में दिए गए बयान को लेकर किया गया।

शनिवार को असकर अली ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर इस अधिनियम का समर्थन किया था, जिसके बाद उनके बयान को लेकर विरोध की लहर दौड़ गई। रविवार रात लगभग 9 बजे, बड़ी संख्या में लोग उनके घर के बाहर एकत्र हुए, हंगामा किया और फिर आगजनी की। घटना के बाद अली ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने बयान के लिए माफी मांगी और बिल के विरोध में भी अपनी राय रखी।

सड़क जाम, आग बुझाने से रोका गया


इसी दिन इंफाल घाटी के विभिन्न हिस्सों में भी वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। लिलोंग क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग NH-102 पर करीब 5,000 से अधिक लोगों ने रैली निकाल कर यातायात बाधित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब मणिपुर फायर ब्रिगेड मौके पर आग बुझाने पहुंचा, तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प की स्थिति बन गई और उन्हें आग बुझाने से रोक दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट में अधिनियम की वैधता को दी गई चुनौती


इस बीच, वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 को लेकर देश भर में राजनीतिक और सामाजिक विवाद गहराता जा रहा है। अधिनियम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं। प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) ने इस अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है। याचिका में कहा गया है कि यह कानून मुसलमानों की धार्मिक स्वतंत्रता को बाधित करता है और संविधान के मूल मूल्यों के खिलाफ है। 

इसके अलावा, केरल के ‘समस्त केरल जमीयत-उल-उलेमा’ संगठन ने भी अधिवक्ता जुल्फिकार अली पी.एस. के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वक्फ अधिनियम में किया गया संशोधन संविधान में निहित समानता, धर्म की स्वतंत्रता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर सीधा हमला है। गौरतलब है कि यह अधिनियम संसद के दोनों सदनों में विवाद और तीखी बहस के बाद पारित किया गया था, जिसे शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी थी।

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