सर्वोच्च न्यायालय के प्रस्ताव में कहा गया, "इस नासमझ हिंसा के शैतानी कृत्य ने हम सभी की अंतरात्मा को झकझोर दिया है। यह आतंकवाद की क्रूरता और अमानवीयता की कठोर याद दिलाता है, जिसे किसी भी सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।"
कोर्ट ने क्रूरता से मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। बयान में आगे कहा गया, "ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करे और घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें। पूरा राष्ट्र इस दुख की घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ा है।"
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले रहे निहत्थे पर्यटकों पर हमला, मानवीय मूल्यों और जीवन की पवित्रता का घोर अपमान है। न्यायालय ने दो मिनट का मौन रखकर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी, जिसमें न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, रजिस्ट्री अधिकारियों और अदालत में मौजूद अन्य लोगों ने हिस्सा लिया।
इधर, बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पहलगाम के बैसरन मैदान में आतंकी हमले के स्थल का हवाई निरीक्षण किया। वे हेलीकॉप्टर से घटनास्थल पहुंचे और फिर सुरक्षा बलों के साथ क्षेत्र का दौरा किया। अधिकारियों ने उन्हें मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था और चल रहे ऑपरेशनों की जानकारी दी।
गृह मंत्री ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और दोषियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए। बताया गया है कि सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा किया जा रहा है ताकि दोबारा इस तरह की घटना न हो।





