हालांकि, मनीष सिसोदिया सोमवार को पेश नहीं हुए। एसीबी के अधिकारियों के अनुसार, सिसोदिया ने यह सूचित किया कि वह अपने व्यस्त कार्यक्रमों के कारण उपस्थित नहीं हो सकते और उन्हें एक अन्य तिथि पर दोबारा बुलाया जाएगा।
एसीबी ने 30 अप्रैल को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप है कि स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण के दौरान 2,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताएं हुईं। यह भी कहा जा रहा है कि कक्षाओं का निर्माण अनुचित प्रक्रिया और अतिरिक्त खर्च के साथ किया गया।
सिसोदिया पहले भी विवादों में रहे हैं। उन्हें दिल्ली शराब नीति से जुड़े कथित घोटाले के मामले में भी गिरफ्तार किया गया था और वह लंबे समय तक जेल में रहे। फिलहाल वह जमानत पर बाहर हैं और दिल्ली में पार्टी की हार के बाद पंजाब में पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए सक्रिय हैं।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि सिसोदिया के पास सोमवार को पहले से तय कार्यक्रम थे, जिसके चलते वह एसीबी के समक्ष पेश नहीं हो सके। उनके वकील ने एसीबी को इस बारे में पहले ही सूचित कर दिया था।
पार्टी का मानना है कि यह समन और आरोप राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित हो सकते हैं।
इस मामले को लेकर दिल्ली की राजनीति में उबाल देखने को मिल रहा है। भाजपा ने सिसोदिया और आप पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि आप का कहना है कि यह सभी आरोप निराधार हैं और पार्टी के नेताओं को राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है।





