यह मामला दिल्ली सरकार द्वारा स्कूलों में 12,748 क्लासरूम बनाने से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर 2,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। आरोप है कि इस निर्माण कार्य में लागत को जानबूझकर बढ़ाया गया और मानकों को नजरअंदाज किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, एक क्लासरूम की औसतन लागत करीब 24.86 लाख रुपये बताई गई, जबकि सामान्यत: ऐसा निर्माण करीब 5 लाख रुपये में संभव होता है।
मार्च 2025 में उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस मामले की जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद ACB ने 30 अप्रैल को FIR दर्ज की थी। जांच एजेंसी पहले ही दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन से पूछताछ कर चुकी है।
पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर आरोप है कि उन्होंने टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर कर निर्माण की लागत और साइज में मनमाने तरीके से बदलाव किए। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और कुछ कंपनियों को अनुचित लाभ मिला। ACB ने अब दूसरा समन जारी किया है, लेकिन 20 जून को मनीष सिसोदिया पेश होंगे या नहीं, इस पर अभी तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वह इस बार जांच में सहयोग करते हैं या फिर कानूनी लड़ाई में अगला कदम उठाते हैं।





