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Delhi: MCD सदन में मचा बवाल, AAP-BJP पार्षदों के बीच तीखी झड़प, टेबल पर चढ़कर किया विरोध

इस स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने सुझाव दिया कि सदन की कार्यवाही एडिशनल कमिश्नर की उपस्थिति में शुरू कर दी जाए, लेकिन भाजपा पार्षदों ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया।

Delhi: MCD सदन में मचा बवाल, AAP-BJP पार्षदों के बीच तीखी झड़प, टेबल पर चढ़कर किया विरोध
फोटो: MCD House, AAP-BJP
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भारी हंगामा देखने को मिला। सदन का सत्र अपने तय समय पर शुरू होना था, लेकिन जैसे ही मेयर महेश कुमार चेयर पर पहुंचे और कार्यवाही शुरू करने का इंतजार करने लगे, उपायुक्त नदारद रहे। इस स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने सुझाव दिया कि सदन की कार्यवाही एडिशनल कमिश्नर की उपस्थिति में शुरू कर दी जाए, लेकिन भाजपा पार्षदों ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच टकराव बढ़ गया और सदन में जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया।

भाजपा पार्षदों ने लगाए केजरीवाल विरोधी नारे


सदन में भाजपा पार्षदों ने "केजरीवाल चोर है" के नारे लगाते हुए तीखा विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि सभी निगम कर्मचारियों को नियमानुसार स्थायी किया जाना चाहिए और कच्चे कर्मचारियों के साथ किया जा रहा छलावा तत्काल बंद होना चाहिए। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि भाजपा पार्षदों और आम आदमी पार्टी के सदस्यों के बीच तीखी झड़प हो गई। भाजपा पार्षद बैनर लेकर टेबलों पर चढ़ गए और सदन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

महत्वपूर्ण प्रस्ताव हुए पास


हंगामे के बीच एमसीडी सदन में दो अहम प्रस्ताव पारित कर दिए गए। पहला प्रस्ताव कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करने से जुड़ा था, जबकि दूसरा प्रस्ताव हाउस टैक्स में बड़ी राहत देने को लेकर था। निर्णय के अनुसार, 100 गज तक के मकानों पर हाउस टैक्स पूरी तरह माफ कर दिया गया, जबकि 100 से 500 गज तक के मकानों का हाउस टैक्स आधा कर दिया गया। प्रस्ताव पारित करने के लिए आवश्यक संख्या में पार्षद सदन में मौजूद थे, इसलिए इसे मंजूरी दे दी गई। हालांकि, इस निर्णय को लेकर विपक्ष ने जमकर विरोध दर्ज कराया, लेकिन सदन की कार्यवाही को अगली बैठक तक स्थगित कर दिया गया।

आम आदमी पार्टी के नेता मुकेश गोयल ने भाजपा पार्षदों पर सदन को बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे जानबूझकर समय पर सदन में नहीं पहुंचे और जब आए तो माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि हंगामे के दौरान भाजपा के पार्षदों ने उनके हाथ से एजेंडा छीन लिया और बड़ी संख्या में महापौर की टेबल पर चढ़ गए। उन्होंने यह भी कहा कि सदन में एडिशनल कमिश्नर की मौजूदगी के बावजूद उन्होंने चेयर संभालने से इनकार कर दिया। मुकेश गोयल ने यह भी तंज कसा कि भाजपा नेताओं के बीच हंगामा करने की होड़ मची थी, मानो यह तय किया जा रहा हो कि भविष्य में मुख्यमंत्री बनने के लिए कौन सबसे अधिक उग्र प्रदर्शन कर सकता है।

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