दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्ला खान को ‘गिरफ्तारी में बाधा’ डालने के मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। खान पर कथित रूप से घोषित अपराधी शाहवेज खान की गिरफ्तारी में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों को रोकने का आरोप है।
राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने 13 फरवरी को ओखला से आप विधायक को गिरफ्तारी से सोमवार तक सुरक्षा प्रदान की थी, जिसे बाद में एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया था।
अदालत ने दिल्ली पुलिस पर उठाए सवाल
सोमवार को सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने दिल्ली पुलिस से सवाल किया,
"आप उस व्यक्ति के साथ 20 मिनट तक क्या कर रहे थे, जिसने पहले ही अग्रिम जमानत हासिल कर ली थी?"
न्यायाधीश ने कहा,
"शाहवेज खान ने अग्रिम जमानत ले रखी है, और अब तक उनके खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया है। यह एक स्वीकार्य स्थिति है। ऐसे में पुलिस अधिकारी 20 मिनट तक दुकान के अंदर उनके साथ क्या कर रहे थे?"
दिल्ली पुलिस ने 10 फरवरी को जामिया नगर इलाके में सरकारी कर्मचारियों के कार्य में बाधा डालने के आरोप में अमानतुल्ला खान के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद विधायक को अंतरिम संरक्षण प्रदान किया गया था और उन्हें जांच में शामिल होने का निर्देश दिया गया था।
पुलिस ने अदालत में दावा किया कि अमानतुल्ला खान से पूछताछ करना आवश्यक है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कथित हमले के दौरान वह घटनास्थल पर मौजूद थे या नहीं।
दिल्ली पुलिस ने अदालत में सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान भी पेश किए। सरकारी वकील एसपीपी अतुल श्रीवास्तव ने दलील दी,
"हमें अमानतुल्ला खान की हिरासत चाहिए, ताकि उससे पूछताछ की जा सके। वह घटनास्थल पर मौजूद था, लेकिन वह झूठ बोल रहा है कि वह वहां नहीं था।"
पुलिस ने आगे कहा,
"हम जांच करना चाहते हैं कि जब हम शाहवेज को गिरफ्तार करने पहुंचे तो अचानक लाइट क्यों चली गई। साथ ही, विधायक सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं, तो उन्होंने उस वक्त कोई ऑनलाइन पोस्ट क्यों नहीं किया कि पुलिस शाहवेज को गिरफ्तार करने आई है?"





