इस दौरान वे गहरे आक्रोश के साथ नारेबाजी करते हुए धमकी देने लगे कि अगर इन सड़कों का नाम नहीं बदला गया, तो वे इन साइन बोर्ड्स को उखाड़कर ले जाएंगे और उनका उपयोग न करने की चेतावनी दी।
सोशल मीडिया पर दक्ष और उसके साथियों के इन वीडियो क्लिप्स तेजी से वायरल हो गए हैं। इन वीडियो में दक्ष खुद को गोरक्षक बताते हुए अकबर रोड के साइन बोर्ड पर पेशाब करता हुआ दिखाई दे रहा है। फिर वह बोर्ड पर अकबर का नाम मिटाता है और वहां शिवाजी महाराज का पोस्टर चिपका देता है। दूसरे वीडियो में, वह बाबर रोड के साइन बोर्ड पर कालिख पोतते हुए नजर आता है और वहां भी शिवाजी के पोस्टर लगा देता है। इस दौरान, वे छावा फिल्म का भी उल्लेख करते हैं और कहते हैं, "आज से अकबर रोड का नाम छत्रपति शिवाजी मार्ग है। अगर आप राष्ट्रवादी सरकार हैं, तो इस रोड का नाम जल्द से जल्द बदलें। हम कोई देशद्रोही नहीं हैं, हम सिर्फ अपने धर्म और अपने पूर्वजों के सम्मान में यह कर रहे हैं। जैसे शिवाजी महाराज के साथ बर्बरता की गई, वैसे ही हम अकबर, बाबर और शाहजहां जैसे लोगों के नाम इस देश से मिटा देंगे।"
इसका संकेत साफ है कि दक्ष और उसके साथी देश के इतिहास से उन शासकों के नाम हटाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें वे मुस्लिम शासक मानते हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार ने इन सड़कों का नाम नहीं बदला, तो वे बोर्ड उखाड़कर ले जाएंगे और उन्हें नष्ट कर देंगे।
दक्ष चौधरी पहले भी कई बार विवादों में घिर चुका है। उस पर दिल्ली में कई मुकदमे दर्ज हैं और वह एक से अधिक बार जेल जा चुका है। फिलहाल वह जमानत पर बाहर है। लोकसभा चुनाव के दौरान उसने कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार को थप्पड़ मारा था, और कुछ समय पहले दिल्ली में उसने कुछ गरीब मुस्लिम लोगों को बांग्लादेशी कहकर पीटा था। उसकी ये घटनाएँ उसकी चरित्र की विवादास्पद छवि को और भी मजबूत करती हैं, और इसके कारण उसकी हरकतों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार बहस जारी रहती है।
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