इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के दौरान रेखा गुप्ता ने कहा, "इस वीडियो को देखकर यह साफ हो जाता है कि मुख्यमंत्री के सामने किसी की नहीं चल सकती।" उन्होंने उस विवादास्पद दिन की घटना को याद करते हुए कहा कि वह दिन दिल्ली नगर निगम के इतिहास में एक काले दिन जैसा था। उस दिन मेयर चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी ने सदन का अपमान किया था, और यह स्थिति पूरी रात की नजरबंदी से लेकर सुबह 6 बजे तक बनी रही।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया, "सारे पार्षदों को नजरबंद कर दिया गया था, और उन्हें बाहर नहीं जाने दिया गया था। उस दौरान परिसर में कई महिला पार्षद थीं, लेकिन कुछ गुंडे आए और चुनाव को रोकने की कोशिश की। वे महिला पार्षदों के साथ बदतमीजी कर रहे थे। मेरी जिम्मेदारी बनती थी कि इन पार्षदों की रक्षा करूं, और मैंने वही किया। उस समय चाहे मुझे किसी भी परिस्थिति का सामना करना पड़े, मैंने अपनी जिम्मेदारी निभाई।"
उन्होंने यह भी कहा, "आज भी जो मेरी जिम्मेदारी है, उसे निभा रही हूं और अब भी वही काम कर रही हूं। ना उस समय मैंने कोई गलत कदम उठाया था और ना ही आज मैं कुछ गलत करूंगी।"
इस बयान से मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि वह अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए किसी भी कठिन परिस्थिति में दृढ़ रहेंगी और उनकी नेतृत्व शैली को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए।
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