यह ऑपरेशन पिछले दो सप्ताह से लगातार चलाया जा रहा है और अब तक इसमें कई नक्सलियों को ढेर किया जा चुका है। कर्रेगुट्टा क्षेत्र की जटिल भौगोलिक बनावट के कारण अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन सुरक्षाबल डटे हुए हैं और गहन सर्च एवं गश्त अभियान चला रहे हैं। खुफिया जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में बटालियन नंबर 1 के शीर्ष नक्सली नेता छिपे हो सकते हैं, इसी आधार पर ऑपरेशन को तेज किया गया है।
हालांकि, स्थानीय पुलिस की ओर से इस मुठभेड़ को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह इलाका पहले भी नक्सली गतिविधियों का केंद्र रहा है और इस कार्रवाई को इस क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
उधर, जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 15 दिन पहले हुए बर्बर आतंकी हमले का भारत ने करारा जवाब दिया है। 6-7 मई की रात भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की।
इस कार्रवाई में घातक ड्रोन और सटीक मिसाइलों की मदद से नौ आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया गया। इन ठिकानों में बहावलपुर, मुरीदके, चक अमरू, सियालकोट, भीमबेर, गुलपुर, कोटली, बाघ और मुजफ्फराबाद के इलाके शामिल हैं।
भारतीय रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह जवाबी कार्रवाई नपी-तुली, सीमित और गैर-उकसावे वाली थी, जिसका उद्देश्य सिर्फ आतंकवाद के ढांचे को ध्वस्त करना था। यह कार्रवाई उस हमले के बाद की गई, जिसमें पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों को मौत के घाट उतार दिया था।





