गृह मंत्री शाह लगातार सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के संपर्क में हैं। उन्होंने बीएसएफ प्रमुख को सीमावर्ती इलाकों में रह रहे नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार सुबह सीमावर्ती जिलों में हालात की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिला उपायुक्तों को आदेश दिया है कि वे संवेदनशील गांवों से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करें और उनके लिए भोजन, चिकित्सा, आवास और परिवहन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।
एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए एलजी सिन्हा ने कहा, "हर नागरिक की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराएं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें। जय हिंद!"
गृह मंत्री अमित शाह ने सेना की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि मोदी सरकार भारतीय नागरिकों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, "हमें अपने सशस्त्र बलों पर गर्व है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ उन निर्दोष नागरिकों की हत्या का प्रतिशोध है जो पहलगाम हमले में शहीद हुए। भारत आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए दृढ़संकल्पित है।"
भारत की यह सैन्य कार्रवाई रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह 1971 के बाद पहली बार है जब भारत ने पाकिस्तान के गैर-विवादित क्षेत्र के अंदर इतनी गहराई तक सर्जिकल स्ट्राइक की है। बहावलपुर, मुरीदके, सियालकोट और गुलपुर जैसे आतंक के अड्डों को निशाना बनाकर ध्वस्त किया गया है। यह हमला भारत की सैन्य क्षमताओं और आतंकवाद के खिलाफ उसकी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का स्पष्ट संदेश है।





