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Budget 2025: वित्त मंत्री ने किया ऐलान, अगले हफ्ते संसद में पेश होगा नया इनकम टैक्स बिल

नया आयकर कानून मौजूदा Income Tax Act, 1961 को पूरी तरह से बदलने के लिए लाया जाएगा, न कि उसमें कोई संशोधन किया जाएगा। इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य मौजूदा |

Budget 2025:  वित्त मंत्री ने किया ऐलान, अगले हफ्ते संसद में पेश होगा नया इनकम टैक्स बिल
फोटो: Budget Session, PM Modi, Rahul, kharge, parliament session,
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में एक महत्वपूर्ण ऐलान किया। उन्होंने बताया कि अगले हफ्ते एक नया आयकर विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जिसके तहत कई अहम बदलावों की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आयकर व्यवस्था में महत्वपूर्ण फेरबदल का संकेत है। नया आयकर कानून मौजूदा Income Tax Act, 1961 को पूरी तरह से बदलने के लिए लाया जाएगा, न कि उसमें कोई संशोधन किया जाएगा। इस नए कानून का मुख्य उद्देश्य मौजूदा आयकर अधिनियम को अधिक सरल, स्पष्ट और समझने योग्य बनाना है। खास बात यह है कि वित्त मंत्रालय ने इस कानून के मसौदे को अंतिम रूप देने से पहले जनता और उद्योग जगत से 6,500 सुझाव प्राप्त किए हैं। इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए, नया कानून बनाने की प्रक्रिया को पारदर्शी और उपयोगकर्ता-मित्र बनाने की कोशिश की जा रही है।

नए आयकर कानून में कई महत्वपूर्ण सुधारों की उम्मीद जताई जा रही है। इसका उद्देश्य कानून को आम लोगों के लिए सरल और समझने योग्य बनाना है, ताकि वे आयकर प्रणाली में उत्पन्न होने वाली जटिलताओं को आसानी से समझ सकें। इसके अलावा, कानून में कुछ अप्रचलित और अनावश्यक प्रावधानों को हटाया जाएगा, जो लंबे समय से प्रभावहीन हो चुके हैं। इसके साथ ही, टैक्स विवादों को कम करने के लिए उपाय किए जाएंगे, और टैक्सपेयर्स के लिए अनुपालन को सरल बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया था कि देश के 65 प्रतिशत से अधिक करदाता पहले से ही न्यू टैक्स रिजीम को अपना चुके हैं। इसका मतलब है कि अब हर 3 में से 2 लोग न्यू टैक्स रिजीम के तहत आयकर फाइल कर रहे हैं। यह बदलाव पिछले एक साल में विशेष रूप से देखा गया, जब बजट 2020 में न्यू टैक्स रिजीम को लागू किया गया था, और शुरुआत में लोग इसे अपनाने से हिचकिचा रहे थे। हालांकि, अब यह रिजीम अधिक लोकप्रिय हो गया है।

भारत में वर्तमान में दो प्रकार की आयकर व्यवस्था हैं – पुरानी टैक्स प्रणाली (Old Tax Regime) और नई टैक्स प्रणाली (New Tax Regime)। जहां पुरानी प्रणाली में करदाताओं को विभिन्न छूट और कटौतियां मिलती हैं, वहीं नई प्रणाली में ऐसे विकल्प कम होते हैं, लेकिन कर दरें थोड़ी कम की गई हैं। नई टैक्स प्रणाली में ₹0 से ₹3 लाख तक की आय पर कोई कर नहीं लगता, ₹3 लाख से ₹7 लाख तक की आय पर 5%, ₹7 लाख से ₹10 लाख तक की आय पर 10%, ₹10 लाख से ₹12 लाख तक पर 15%, ₹12 लाख से ₹15 लाख तक पर 20%, और ₹15 लाख से अधिक की आय पर 30% कर लगता है। वहीं, पुरानी प्रणाली में आयकर स्लैब अलग हैं, और इसमें करदाता को कई छूट और कटौतियां मिलती हैं।

अब, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार इस नए विधेयक के माध्यम से पुरानी टैक्स प्रणाली को समाप्त करने पर विचार कर सकती है, और केवल नई प्रणाली को लागू कर सकती है। इससे करदाताओं के लिए एक सुसंगत और सरल कराधान व्यवस्था का निर्माण हो सकता है।

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