सलोनी के परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसे दहेज की मांग को लेकर परेशान कर रहे थे, और लगातार गाड़ी व घर बनाने के लिए पैसे की मांग कर रहे थे।
एसडीपीओ रजनीशकांत प्रियदर्शी ने बताया कि सलोनी देवी का शव शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे उसके ससुराल के घर से बरामद किया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए बेतिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जीएमसीएच) भेजा गया है, जहां पर मृत्यु के कारणों का पता चल सकेगा। सलोनी के परिवार ने पुलिस को बताया कि ससुराल वालों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर सलोनी की गला घोंटकर हत्या कर दी।
सलोनी के जीजा, मुनचुन सिंह ने बताया कि शुक्रवार सुबह उन्हें सलोनी के ससुराल से फोन आया, जिसमें कहा गया कि सलोनी की तबीयत अचानक खराब हो गई है। इसके बाद, सलोनी के परिजन, जो बगहा के पिपरिया बड़गांव में रहते हैं, तुरंत ससुराल पहुंचे। इसी दौरान, बैरिया पुलिस ने सलोनी के पति अभिजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। जब वे ससुराल पहुंचे, तो सलोनी का शव कमरे में बिस्तर पर पड़ा हुआ था।
सलोनी के पिता, विजय बहादुर सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि शादी के बाद से ही सलोनी को उसके ससुराल वाले दहेज के लिए परेशान कर रहे थे। वे गाड़ी, घर बनाने के लिए पैसे की मांग करते थे। सलोनी के पिता ने आरोप लगाया कि जब यह मांग पूरी नहीं की गई, तो ससुराल वालों ने सलोनी की गला घोंटकर हत्या कर दी।
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति अभिजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे हत्या के कारणों का स्पष्ट रूप से पता चलेगा।
यह घटना एक बार फिर दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मुद्दे को सामने लाती है, जो समाज में अभी भी गहरे रूप से व्याप्त है। सलोनी की हत्या ने इस जघन्य प्रथा की भयावहता को उजागर किया है, जिससे ना केवल सलोनी बल्कि उसके परिवार को भी गहरी मानसिक और शारीरिक पीड़ा का सामना करना पड़ा।
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