विज्ञप्ति में आगे कहा गया कि इस नाम परिवर्तन के साथ 'राष्ट्रमंडल खेल महासंघ' अब केवल कानूनी इकाई के रूप में मौजूद रहेगा, जबकि इसका सार्वजनिक ब्रांड नाम 'राष्ट्रमंडल खेल' होगा। यह नाम बदलने का निर्णय संगठन के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है, जिसमें 'खेल महासंघ' से 'खेल आंदोलन' की ओर परिवर्तन किया गया है।
राष्ट्रमंडल खेल की सीईओ कैटी सेडलियर ने इस बदलाव को लेकर कहा, "नया ब्रांड नाम 'राष्ट्रमंडल खेल' हमारे मजबूत और एकीकृत उद्देश्य को स्पष्ट रूप से व्यक्त करता है, जो हमारे दर्शकों और समुदाय से गहरे स्तर पर जुड़ता है। यह न केवल एक पहचान है, बल्कि यह एक ऐसा आंदोलन है जो राष्ट्रमंडल के देशों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करेगा।"
इस महत्वपूर्ण बदलाव के साथ ही, राष्ट्रमंडल खेल के संरक्षक किंग चार्ल्स ने सोमवार को राष्ट्रमंडल दिवस पर बकिंघम पैलेस में ग्लास्गो 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए राष्ट्रमंडल खेल किंग्स बेटन रिले का आधिकारिक शुभारंभ किया। किंग चार्ल्स इस बेटन में अपना संदेश डालेंगे और इसे पहले बेटनधारक, सर क्रिस होय को सौंपेंगे।
यह रिले ग्लास्गो 2026 के उद्घाटन समारोह से 500 दिन पहले शुरू होगी, और यह अब तक की सबसे लंबी बेटन रिले होगी। इस रिले में 74 देशों और क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जहां प्रत्येक राष्ट्रमंडल खेल संघ को अपनी गतिविधियों का आयोजन करने के लिए छह दिन तक का समय मिलेगा।
इस नई पहल से यह साफ है कि राष्ट्रमंडल खेल अब सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं रहेंगे, बल्कि यह एक बड़ा आंदोलन बन जाएगा, जो खेलों और समुदायों को एकजुट करने का काम करेगा।
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