Molitics Logo
होम पहलगाम हमले के बाद अमेरिका सख्त, कश्मीर को लेकर जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

पहलगाम हमले के बाद अमेरिका सख्त, कश्मीर को लेकर जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) ने जम्मू-कश्मीर और भारत-पाकिस्तान सीमा के आसपास के क्षेत्रों में संभावित आतंकी हमलों और नागरिक अशांति की आशंका के चलते |

पहलगाम हमले के बाद अमेरिका सख्त, कश्मीर को लेकर जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
फोटो: पहलगाम हमले के बाद अमेरिका सख्त, कश्मीर को लेकर जारी की ट्रैवल एडवाइजरी
संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएस) ने जम्मू-कश्मीर और भारत-पाकिस्तान सीमा के आसपास के क्षेत्रों में संभावित आतंकी हमलों और नागरिक अशांति की आशंका के चलते अमेरिकी नागरिकों के लिए "यात्रा न करें" की सख्त चेतावनी जारी की है। यह एडवाइजरी बुधवार, 24 अप्रैल 2025 को जारी की गई, जो एक दिन पहले पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद आई है, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। मरने वालों में अधिकांश पर्यटक थे, जो छुट्टियां मनाने वहां आए थे। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी में अब तक का सबसे घातक हमला माना जा रहा है।

अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी इस ट्रैवल एडवाइजरी में कहा गया है, “जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश में आतंकी हमलों और हिंसक नागरिक अशांति की संभावना बनी रहती है। विशेष रूप से श्रीनगर, गुलमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटन स्थलों पर भी हिंसा की घटनाएं समय-समय पर होती रही हैं। इसलिए अमेरिकी नागरिक इस क्षेत्र की यात्रा से परहेज करें।” हालांकि, इस चेतावनी में पूर्वी लद्दाख और उसकी राजधानी लेह को इससे बाहर रखा गया है। एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर अक्सर गोलीबारी और झड़पें होती रहती हैं, जिससे यह क्षेत्र बेहद अस्थिर बना रहता है। इसी वजह से अमेरिकी नागरिकों को भारत-पाक सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में प्रवेश से बचने की सलाह दी गई है।

इधर भारत सरकार ने भी पहलगाम हमले को गंभीरता से लेते हुए पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कूटनीतिक कदम उठाए हैं। भारत ने 1960 की ऐतिहासिक सिंधु जल संधि को अस्थायी रूप से निलंबित करने की घोषणा की है, जो दशकों से भारत और पाकिस्तान के बीच जल-बंटवारे का आधार रही है। इसके अलावा, भारत ने पाकिस्तान के सैन्य अताशे को निष्कासित कर दिया है और राजनयिक संबंधों को न्यूनतम स्तर पर सीमित करने का फैसला लिया है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "जिस तरह की बर्बरता और नृशंसता आतंकियों द्वारा दिखाई गई है, उसका सीधा संबंध सीमा पार से मिलने वाले समर्थन से है। भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।"

पहाड़ों में बसे पर्यटन स्थलों पर हुए इस प्रकार के हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी गहरी चिंता पैदा कर दी है। अमेरिका के अलावा कई यूरोपीय देशों ने भी अपने नागरिकों को जम्मू-कश्मीर की यात्रा से परहेज करने की सलाह दी है। साथ ही, भारत द्वारा उठाए गए राजनयिक कदमों के बाद दक्षिण एशिया में तनाव का स्तर और भी बढ़ गया है।