बयान में आगे बताया गया कि भारत द्वारा पूर्व में जारी किए गए सभी वैध वीज़ा अब 27 अप्रैल 2025 से रद्द माने जाएंगे। केवल मेडिकल वीज़ा धारकों को 29 अप्रैल तक की छूट दी गई है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में वर्तमान में मौजूद सभी पाकिस्तानी नागरिकों को संशोधित वीज़ा अवधि के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने भारतीय नागरिकों को पाकिस्तान की यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है। इसके साथ ही, पाकिस्तान में मौजूद भारतीय नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि वे जल्द से जल्द भारत लौट आएं।
यह निर्णय उस भयावह हमले के बाद लिया गया है, जिसमें पहलगाम के बैसरन घास के मैदान में आतंकियों ने पर्यटकों पर गोलीबारी की थी। इस हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान चली गई थी, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। यह घटना 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के बाद घाटी में सबसे बड़ा आतंकी हमला मानी जा रही है। हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुलाई गई कैबिनेट की सुरक्षा समिति (CCS) की बैठक में कई निर्णायक फैसले लिए गए। भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया है और अटारी सीमा चौकी को बंद करने का निर्णय भी लिया गया है।
इसके अतिरिक्त, भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग के 25 से अधिक अधिकारियों को 'अवांछित व्यक्ति' घोषित कर एक सप्ताह के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। साथ ही, SAARC वीज़ा छूट योजना के अंतर्गत जारी सभी वीज़ा भी रद्द कर दिए गए हैं।





