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"अमेरिका फर्स्ट बनाम इंडिया फर्स्ट: पीएम मोदी ने ट्रंप की रणनीति और भारत-चीन संबंधों पर रखी राय"

प्रधानमंत्री मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप की ‘विनम्रता’ की प्रशंसा करते हुए कहा, “उनके पास स्पष्ट दृष्टि और लक्ष्यों की दिशा में बढ़ने की रणनीति है। वह अमेरिका |

"अमेरिका फर्स्ट बनाम इंडिया फर्स्ट: पीएम मोदी ने ट्रंप की रणनीति और भारत-चीन संबंधों पर रखी राय"
फोटो: "अमेरिका फर्स्ट बनाम इंडिया फर्स्ट: पीएम मोदी ने ट्रंप की रणनीति और भारत-चीन संबंधों पर रखी राय"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मशहूर अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ पॉडकास्ट जारी हो चुका है। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, भारत-चीन संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप की ‘विनम्रता’ की प्रशंसा करते हुए कहा, “उनके पास स्पष्ट दृष्टि और लक्ष्यों की दिशा में बढ़ने की रणनीति है। वह ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति पर चलते हैं, ठीक वैसे ही जैसे मैं ‘इंडिया फर्स्ट’ के पक्ष में हूं।” पीएम मोदी ने 2019 के ह्यूस्टन में हुए हाउडी मोदी कार्यक्रम को याद किया और कहा, “स्टेडियम पूरी तरह भरा हुआ था। ट्रंप और मैंने भाषण दिए। जब मैं मंच से बोल रहा था, तब अमेरिका के राष्ट्रपति दर्शकों के बीच बैठे थे—यह उनकी विनम्रता को दर्शाता है। भाषण के बाद मैंने उनसे स्टेडियम का चक्कर लगाने का सुझाव दिया और वह बिना हिचकिचाए सहमत हो गए। उनकी सुरक्षा टीम आश्चर्यचकित रह गई, लेकिन ट्रंप ने बिना किसी झिझक के मेरा साथ दिया। यह मेरे लिए दिल को छू लेने वाला क्षण था।"

ट्रंप पर हमले का जिक्र


पिछले साल ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "मैंने उसी दृढ़ निश्चयी और अडिग ट्रंप को देखा, जो मेरे साथ स्टेडियम में चल रहे थे। गोली लगने के बावजूद उनका समर्पण अमेरिका के लिए अटल रहा।" प्रधानमंत्री मोदी ने व्हाइट हाउस में ट्रंप से अपनी पहली मुलाकात को भी याद किया। उन्होंने कहा, “जैसे ही मैं व्हाइट हाउस में दाखिल हुआ, ट्रंप ने औपचारिक प्रोटोकॉल तोड़ दिया और मुझे खुद व्हाइट हाउस का दौरा कराया। उनके पास कोई नोट्स या सहायक नहीं था, फिर भी उन्होंने अमेरिकी इतिहास और राष्ट्रपति भवन की बारीकियां विस्तार से समझाईं। यह उनकी नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के प्रति सम्मान को दर्शाता है।”  पीएम मोदी ने बताया कि ट्रंप ने हमेशा उनकी मित्रता को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा, "बाइडेन प्रशासन के दौरान जब भी कोई हम दोनों को जानने वाला उनसे मिला, ट्रंप ने हमेशा कहा—‘मोदी मेरे मित्र हैं, उन्हें मेरा अभिवादन कहना।’ यह दुर्लभ है और हमारी गहरी मित्रता को दर्शाता है।”

भारत-चीन संबंधों पर मोदी की राय


पीएम मोदी ने भारत-चीन संबंधों पर भी महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा, “2020 की सीमा घटनाओं के कारण हमारे संबंधों में तनाव आया, लेकिन हालिया बैठक के बाद स्थिति सामान्य हो रही है। हम 2020 से पहले की स्थितियों को बहाल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत और चीन की सभ्यताएं प्राचीन हैं और दोनों देशों ने एक-दूसरे से सदियों तक सीखा है। “एक समय पर, भारत और चीन मिलकर दुनिया की GDP का 50% से अधिक योगदान देते थे। हमारा संबंध ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहा है और इसे भविष्य में भी बनाए रखना आवश्यक है।” प्रधानमंत्री ने कहा, “दो पड़ोसी देशों के बीच असहमति स्वाभाविक है, लेकिन हमारा ध्यान इन मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकने पर है। संवाद से ही स्थिर और लाभदायक संबंध बनाए जा सकते हैं।”

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