अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि बीजेपी की सरकार लोकतंत्र के लिए खतरे का कारण बन रही है। उनका कहना था कि इस सरकार के तहत संविधान की अवहेलना की जा रही है और देश का संचालन संविधान के अनुसार नहीं हो रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी और उसकी सरकार ने समाज को तोड़ने और विभाजन की राजनीति को बढ़ावा दिया है, जो कि देश की एकता और अखंडता के लिए खतरे की घंटी है।
ईद उल फितर के इस पावन मौके पर अखिलेश यादव ने समाज के सभी लोगों को बधाई दी और उनकी सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि ईद का यह त्योहार समाजिक एकता, मेल-मिलाप और खुशियों को साझा करने का समय है, और इसे हमें एक दूसरे के बीच सद्भाव और प्रेम को बढ़ावा देने के रूप में मनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हमें एक-दूसरे के धर्मों और सांस्कृतिक मान्यताओं का सम्मान करना चाहिए और इस त्योहार के जरिए सामाजिक भाईचारे की मिसाल पेश करनी चाहिए।
‘इमरजेंसी’ का नाम लेकर योगी सरकार पर भड़के अखिलेश, ईदगाह जाते समय बैरिकेडिंग पर जताई नाराजगी
सपा प्रमुख अखिलेश यादव सोमवार को लखनऊ में ईद के अवसर पर ऐशबाग ईदगाह जाते समय अपनी कार का काफिला रोके जाने पर गुस्से में आ गए। उन्होंने योगी सरकार पर तीखा |
सपा प्रमुख अखिलेश यादव सोमवार को लखनऊ में ईद के अवसर पर ऐशबाग ईदगाह जाते समय अपनी कार का काफिला रोके जाने पर गुस्से में आ गए। उन्होंने योगी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह तानाशाही की स्थिति है और उन्होंने ऐसी बैरिकेडिंग पहले कभी नहीं देखी थी। अखिलेश यादव ने सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या यह इमरजेंसी का माहौल है और क्या सरकार यह संदेश देना चाहती है कि लोग दूसरे धर्मों के त्योहारों में शामिल न हों।
उन्होंने आरोप लगाया कि बैरिकेडिंग का उद्देश्य सिर्फ लोगों को त्योहार मनाने से रोकना था और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाना था। अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें बैरिकेडिंग के कारण आधे घंटे तक रोका गया और जब इसके कारण के बारे में पूछा गया, तो किसी भी अधिकारी के पास इसका स्पष्ट जवाब नहीं था।




