बेंगलुरु में आयोजित एयरो इंडिया 2025 के दौरान एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने एचएएल अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि "मुझे फिलहाल HAL पर भरोसा नहीं है, जो बहुत गलत है।" उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना की जरूरतों और चिंताओं को लेकर कंपनी को अधिक गंभीरता दिखाने की जरूरत है। उन्होंने आगे कहा, "हर कोई कह रहा है कि काम हो जाएगा, लेकिन कैसे? चीजें मिशन मोड में नहीं लग रही हैं। HAL हमारी खुद की कंपनी है और हम सभी ने वहां काम किया है, लेकिन मुझे लगता है कि हम सही दिशा में नहीं बढ़ रहे हैं।"
"अब तक एक भी विमान तैयार नहीं" – एपी सिंह
वायुसेना प्रमुख ने तेजस MK1A की डिलीवरी में हो रही देरी पर असंतोष जताते हुए कहा, "मुझसे वादा किया गया था कि जब मैं फरवरी में यहां आऊंगा, तो हमें 11 MK1A विमान मिल जाएंगे, लेकिन अभी तक एक भी तैयार नहीं है। यह बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं है। हमें इस सिस्टम में बड़े बदलाव की जरूरत है।" इस विवाद के बीच एचएएल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डीके सुनील ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, "डिलीवरी में देरी किसी भी तरह की लापरवाही या आलस्य के कारण नहीं हुई है। इसमें कुछ टेक्निकल समस्याएं थीं, जिन्हें अब ठीक कर लिया गया है।"
उन्होंने आगे कहा, "वायुसेना प्रमुख की चिंता वाजिब है, लेकिन एचएएल ने इसे गंभीरता से लिया है। इस मामले को लेकर कई स्तरों पर बैठकें हुई हैं, और जल्द ही तेजस MK1A विमानों की डिलीवरी शुरू कर दी जाएगी।"
तेजस MK1A वायुसेना के लिए क्यों अहम?
हल्का लड़ाकू विमान तेजस MK1A भारतीय वायुसेना के बेड़े को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी माना जा रहा है। यह विमान उन्नत एवियोनिक्स, अधिक हथियार क्षमता और बेहतर इंजन जैसी विशेषताओं से लैस है। इसके समय पर वायुसेना में शामिल होने से भारत की हवाई ताकत को मजबूती मिलेगी।
Read This Also:- MVA में मतभेद गहराए! उद्धव ठाकरे ने शरद पवार के फैसले पर जताई नाराजगी
Read This Also:- MVA में मतभेद गहराए! उद्धव ठाकरे ने शरद पवार के फैसले पर जताई नाराजगी





