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‘60,000 हत्याएं, 25,000 बलात्कार के केस, पिछले 20 सालों के नीतीश राज में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराई’- तेजस्वी यादव

सोमवार को बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान होली के मौके पर दो पुलिस अधिकारियों की नृशंस हत्या और राज्य में अपराध की बढ़ती घटनाओं को लेकर सत्ता पक्ष |

‘60,000 हत्याएं, 25,000 बलात्कार के केस, पिछले 20 सालों के नीतीश राज में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराई’- तेजस्वी यादव
फोटो: ‘60,000 हत्याएं, 25,000 बलात्कार के केस, पिछले 20 सालों के नीतीश राज में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराई’- तेजस्वी यादव
सोमवार को बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान होली के मौके पर दो पुलिस अधिकारियों की नृशंस हत्या और राज्य में अपराध की बढ़ती घटनाओं को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तीखी नोकझोंक और हंगामा देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, राजद विधायक मुकेश रौशन, भाई वीरेंद्र और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार की अगुवाई वाली सरकार पर तीखे और गंभीर आरोपों की बौछार कर दी। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए राजद नेता ने दावा किया कि पिछले दो दशकों में बिहार में 60,000 लोगों की हत्या जैसी संगीन वारदातें हुई हैं। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री रहते हुए 25,000 महिलाओं के साथ बलात्कार की शर्मनाक घटनाएं हुईं और पुलिस कर्मियों पर हमले की संख्या भी सर्वाधिक स्तर पर पहुंच गई। विधानसभा परिसर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि अपराध जिस बेकाबू रफ्तार से बढ़ रहा है, उससे राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मानो बेहोशी की हालत में चले गए हैं। उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन पर गंभीर इल्जाम लगाया कि अपराधियों को सत्ता की ओर से संरक्षण और शह दी जा रही है, जिसके चलते अपराधी इतने बेलगाम और बेखौफ हो गए हैं कि वे पुलिसवालों को सरेराह दौड़ा-दौड़ाकर मार रहे हैं। अपराधी राज्य में खुलेआम तांडव मचा रहे हैं, जबकि पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने के लिए भागने को मजबूर हैं।

 तेजस्वी ने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार पिछले 20 सालों से बिहार के मुख्यमंत्री पद पर काबिज हैं, लेकिन अपराध को नियंत्रित करने और राज्य को सुशासन देने में वे बुरी तरह नाकाम साबित हुए हैं। एनसीआरबी के 20 सालों के आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि उनके कार्यकाल में 60,000 हत्याएं और 25,000 बलात्कार जैसी जघन्य घटनाएं हुईं, जबकि गृह मंत्रालय का जिम्मा भी उनके ही पास रहा है। उनके शासनकाल में पुलिसकर्मियों की हत्या और मारपीट की घटनाएं अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई हैं। उन्होंने हाल की चौंकाने वाली घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि महज तीन दिनों के भीतर कई हत्याओं को अंजाम दिया गया। एक पुलिस अधीक्षक (एसपी) के आवास के ठीक सामने ज्वेलरी दुकान में दिनदहाड़े डकैती की वारदात हुई और कई जिलों में पुलिस पर जानलेवा हमले किए गए। उन्होंने तंज कसा कि क्या अब नीतीश कुमार पिछले 15 सालों का हवाला देकर लालू प्रसाद यादव पर ही सारा ठीकरा फोड़ने की कोशिश करेंगे? उन्होंने मुख्यमंत्री के गृह जिले में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना का उल्लेख किया, जहां एक महिला के पैरों में कील ठोककर उसकी बर्बर हत्या कर दी गई, लेकिन इस जघन्य अपराध पर भी मुख्यमंत्री की रहस्यमयी खामोशी बरकरार है।

 इससे पहले, विधान परिषद परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि होली के पर्व के दौरान 22 लोगों की हत्या का सिलसिला बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर नीतीश कुमार इस पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस "जंगलराज" की वे बार-बार आलोचना करते थे, उस दौर में इतने सिपाहियों और दारोगाओं की हत्या की घटनाएं कभी सामने नहीं आईं, लेकिन अब उनके तथाकथित "मंगलराज" में यह सब आम बात हो गई है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि बेटियों के साथ बलात्कार के बाद उनकी निर्मम हत्या की जा रही है और राज्य में अराजकता का माहौल व्याप्त हो गया है।

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