क्या है मामला
करण भूषण सिंह पर आरोप है कि वह बिना अनुमति वाहनों का काफिला निकाल रहे थे और आदर्श आचार संहिता और निषेधाज्ञा कानून की सरेआम धज्जियां उड़ा रहे थे। शनिवार को निकाले गए रोड शो के दौरान करण भूषण सिंह जब तरबगंज के बाजार पहुंचे तो उनके समर्थकों ने बिना अनुमति पटाखे फोड़े। जिला निर्वाचन अधिकारी नेहा शर्मा ने आचार संहिता उल्लंघन और बिना अनुमति रोड शो निकालने के मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया और जांच के आदेश दिए हैं।
करण भूषण सिंह पर आरोप है कि पिता बृजभूषण शरण सिंह की छवि और प्रभाव को कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र में जमकर इस्तेमाल कर रहे है। क्षेत्र में बिना अनुमति जगह-जगह स्वागत के कार्यक्रम का आयोजन किया गया और पुलिस प्रशासन रोकने के बजाय मूकदर्शक बना रहा।
पिता का टिकट कटा बेटा लड़ रहा चुनाव
करण भूषण सिंह के पिता ब्रजभूषण सिंह पर पिछले साल ओलंपिक पदक विजेता महिला पहलवान साक्षी मलिक और विनेश फोगाट ने यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद बीजेपी में चर्चा चलने लगी कि बृज भूषण सिंह का टिकट काटकर उनके बेटे करण भूषण सिंह को दिया जा सकता है। पिता पर लगे यौन शोषण के आरोपों के बाद करण भूषण सिंह को जीत के लिए पूरा दमखम दिखाना होगा।
कैसरगंज लोकसभा सीट का इतिहास
कैसरगंज लोकसभा सीट के संसदीय इतिहास को देखें तो यहां पर कभी समाजवादी पार्टी का दबदबा हुआ करता था। सपा को लगातार 4 बार यहां पर जीत मिली थी। बाद में यह सीट बृजभूषण सिंह के नाम से पहचानी जाने लगी। वे लगातार तीन बार से सांसद हैं। कांग्रेस को इस सीट पर तीन बार जीत मिली है। कैसरगंज में 20 मई को पांचवें चरण में मतदान होना है।





