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अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: ट्रंप की कुर्सी और भारतीय समुदाय पर संभावित प्रभाव

भारतीय-अमेरिकी समुदाय और भारत- अमेरिका संबंधों पर चुनाव का प्रभाव

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव: ट्रंप की कुर्सी और भारतीय समुदाय पर संभावित प्रभाव
फोटो: US Midterm Elections: Trump's Seat and Potential Impact on the Indian Community

मिडटर्म चुनाव का महत्व

अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के प्रति वैश्विक स्तर पर उत्सुकता बढ़ रही है, और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस संदर्भ में विशेष रूप से चिंतित नजर आ रहे हैं। पिछले महीने एक कार्यक्रम में उन्होंने अपने समर्थकों से चुनाव में धांधली की संभावना पर जोर दिया। सवाल यह है कि ट्रंप इस चुनाव को लेकर इतने उत्सुक क्यों हैं, और क्या डेमोक्रेट्स की जीत से उनकी कुर्सी को खतरा हो सकता है?


3 नवंबर को होने वाले इस चुनाव में सीधे राष्ट्रपति पद का चुनाव नहीं होगा, लेकिन इसके परिणाम ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दो वर्षों की दिशा को प्रभावित करेंगे। भारत के लिए भी यह चुनाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका प्रभाव H-1B वीजा, वहां के भारतीय समुदाय और भारत-अमेरिका संबंधों पर पड़ेगा।


चुनाव में शामिल पद

अमेरिका में हर चार साल में राष्ट्रपति का चुनाव होता है, जबकि मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति के कार्यकाल के दो साल बाद आयोजित होते हैं। इस चुनाव में अमेरिकी संसद के निचले सदन की सभी 435 सीटों और ऊपरी सदन की 35 सीटों के लिए मतदान किया जाएगा। कई राज्यों में गवर्नरों के लिए भी चुनाव होंगे।


वर्तमान में अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का वर्चस्व है। डेमोक्रेट्स को निचले सदन में बहुमत पाने के लिए केवल 3 सीटों की आवश्यकता है। यदि डेमोक्रेट्स किसी भी सदन में बहुमत प्राप्त कर लेते हैं, तो ट्रंप के लिए नए कानून बनाने और नीतियों को लागू करना कठिन हो जाएगा।


चुनाव में मुद्दों की प्राथमिकता

अमेरिकियों के समक्ष कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिनमें महंगाई, इमीग्रेशन और सीमा सुरक्षा शामिल हैं। हाल के सर्वे में ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट का संकेत मिल रहा है, जिससे चुनाव परिणामों में अनिश्चितता बनी हुई है।


ये चुनाव भारतीय आईटी और टेक सेक्टर में काम कर रहे पेशेवरों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि 2024 में H-1B वीजा प्राप्त करने में भारतीयों की हिस्सेदारी लगभग 71 प्रतिशत रही है। ट्रंप प्रशासन ने नए H-1B आवेदकों के लिए उच्च फीस की घोषणा की थी, जो वर्तमान में अदालत में लंबित है।


भारतीय-अमेरिकी समुदाय की भूमिका

अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की संख्या लगभग 52 लाख है, जिनमें से करीब 26 लाख मतदाता हैं। एक सर्वे के अनुसार, इनमें से 66 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी मतदाता डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रति अधिक रुचि रखते हैं। भले ही यह समुदाय चुनाव के नतीजों को पूरी तरह से प्रभावित न करे, लेकिन जॉर्जिया, नॉर्थ कैरोलिना, पेंसिल्वेनिया, मिशिगन और टेक्सास जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में इनकी भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है।


इस चुनाव का भारत के लिए क्या महत्व है? जानकारों का मानना है कि चुनाव के परिणाम इमिग्रेशन, व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़े राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकते हैं। रक्षा, तकनीक और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत-अमेरिका सहयोग को दोनों पार्टियों का समर्थन प्राप्त है। यदि डेमोक्रेट्स सदन में बहुमत हासिल करते हैं, तो ट्रंप के टैरिफ संबंधी मुद्दे में भी बदलाव आ सकता है।