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महंगाई पर शरद पवार का तीखा हमला, सरकार की आर्थिक तस्वीर पर उठाए सवाल

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने महंगाई के बढ़ने और मुश्किल आर्थिक हालात पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार लोगों का ध्यान मूल मुद्दों से भटका रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी कि देश की आर्थिक स्थिति अच्छी

महंगाई पर शरद पवार का तीखा हमला, सरकार की आर्थिक तस्वीर पर उठाए सवाल
फोटो: महंगाई पर शरद पवार का तीखा हमला, सरकार की आर्थिक तस्वीर पर उठाए सवाल

महंगाई पर चिंता जताते हुए पवार का बयान

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता शरद पवार ने गुरुवार को महंगाई के बढ़ते मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि देश की आर्थिक स्थिति गंभीर है। बारामती में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पवार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार वास्तविक समस्याओं की अनदेखी कर रही है और अर्थव्यवस्था की एक सुंदर तस्वीर पेश कर रही है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति से ध्यान भटकाने के लिए शिक्षा जैसे मुद्दों को उठाया जा रहा है।


पवार ने कहा, ''आज महाराष्ट्र और पूरे देश की आर्थिक स्थिति कठिन है, महंगाई बढ़ती जा रही है, जिससे परिवारों के मुखिया के लिए दैनिक जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सरकार की सहमति से कुछ मुद्दों को उठाया जा रहा है ताकि मूल समस्याओं पर ध्यान न जाए। यह जानबूझकर किया जा रहा है।''


प्रधानमंत्री मोदी का आर्थिक विकास पर बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश की 7.8 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर की सराहना करते हुए इसे वैश्विक चुनौतियों के बीच एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। पवार ने इस संदर्भ में कहा, ''प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि देश की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बहुत अच्छी है, लेकिन वे वास्तविक समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसा लगता है कि उन्होंने इस पर गौर नहीं किया है।''


उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मौजूदा स्थिति से ध्यान भटकाने के लिए कुछ बयान देते हैं, जो लोगों की जेब पर महंगाई के प्रभाव को छुपाते हैं।


जांच और न्यायपालिका पर पवार की राय

पवार ने न्यायपालिका के हालिया फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, ''यह छात्रों का प्रदर्शन है और उनकी कुछ मांगें हैं। न्यायपालिका ने स्पष्ट किया है कि सरकार की नीति में खामियां हैं।''


पवार ने चेतावनी दी कि यह स्थिति चिंताजनक है कि न्यायिक अधिकार प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ में न चले जाएं।


बारामती दौरे और चीनी कीमतों पर चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी के प्रस्तावित बारामती दौरे को लेकर पवार ने जानकारी दी कि उन्होंने 16 अक्टूबर की तारीख दी है, लेकिन यह बाद में भी हो सकती है। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री देश के पहले कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) संस्थान का निरीक्षण करेंगे।


चीनी कीमतों और इसके आयात पर पवार ने कहा कि गन्ना किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा, ''कीमतें बढ़ रही हैं और उत्पादन लागत भी बढ़ी है, लेकिन किसानों को इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। वर्तमान स्थिति में चीनी का आयात उचित नहीं है।''