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रेणुका चौधरी का तंज: बीजेपी पर साधा 'मोदिया बिंद' निशाना

मोदिया बिंद: राम मंदिर चंदा चोरी के मामले को लेकर लोकसभा की कई कार्यवाहियां बाधित हुई हैं, और मौजूदा सत्र में 8 में से 6 विधेयक बिना चर्चा के पारित किए जा...

रेणुका चौधरी का तंज: बीजेपी पर साधा 'मोदिया बिंद' निशाना
फोटो: Modia Bind, Renuka Chowdhury's 'Modia Bind

मोदिया बिंद: बीजेपी समर्थकों पर तीखा हमला

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के समर्थकों पर कठोर प्रहार किया। उन्होंने एक विशेष चश्मा पहना था, जिस पर 'मोदिया बिंद' लिखा हुआ था। रेणुका चौधरी ने इस चश्मे के माध्यम से उन लोगों की आलोचना की, जो देश की गंभीर समस्याओं को नजरअंदाज करते हुए केवल सरकार की प्रशंसा करते हैं।


उन्होंने कहा, 'ये चश्मा उन अंधभक्तों के इलाज के लिए है। उन्हें चोरी का मुद्दा दिखाई नहीं देता, पुल गिरना दिखाई नहीं देता और नीट परीक्षा का मुद्दा भी दिखाई नहीं देता। उन्हें केवल तारीफ करना दिखाई देता है। इसलिए मैंने सोचा कि इनके लिए उचित इलाज का इंतजाम किया जाना चाहिए। अगर मोतिया बिंद है तो उसका भी इलाज कराया जाएगा।'


लोकसभा में विधेयकों का प्रस्तुतिकरण

मोदिया बिंद: सोमवार को लोकसभा में चार महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए, जिनमें न्यायाधिकरण सुधार विधेयक 2026, खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2026, केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक 2026 शामिल हैं। इन विधेयकों को पेश करते समय विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया, जिसके कारण कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।


विपक्ष ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदे में alleged गड़बड़ी के मुद्दे पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा।


विपक्ष की नाराजगी और सवाल

मोदिया बिंद: राम मंदिर चंदा चोरी के मामले को लेकर लोकसभा की कई कार्यवाहियां बाधित हुई हैं, और मौजूदा सत्र में 8 में से 6 विधेयक बिना चर्चा के पारित किए जा चुके हैं। समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने भी केंद्र सरकार पर संसद में गतिरोध को लेकर हमला बोला। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर के चंदे में alleged गड़बड़ी की जांच की मांग की और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम संशोधन विधेयक पर भी सवाल उठाए।


अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष जानना चाहता है कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और बिजली के झटके देने की कार्रवाई क्यों की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एफसीआरए के जरिए संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास कर रही है।


पुलिस कार्रवाई पर विपक्ष का सवाल

माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि विपक्ष ने जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना किसी जवाबदेही के विधेयकों को पारित कराने की कोशिश कर रही है।


ब्रिटास ने एफसीआरए में प्रस्तावित प्रावधानों को कड़ा बताते हुए कहा कि इससे नागरिक समाज और अल्पसंख्यक संस्थाओं पर दबाव बढ़ सकता है।


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