झालावाड़ जिले में स्कूल की छत गिरी, 4 मासूमों की मौत
राजस्थान के झालावाड़ जिले के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अमित कुमार बुडानिया भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। हादसे की भयावहता को देखकर बड़ी संख्या में अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए और अपने बच्चों को लेकर नजदीकी अस्पतालों की ओर भागे। कई माता-पिता की आंखों में डर और आंसू साफ देखे गए। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा है कि घायल बच्चों का इलाज राज्य सरकार के खर्च पर किया जाएगा। उन्होंने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस दुर्घटना पर दुख जताते हुए सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
इस दुखद घटना ने सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों और उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब, जब राजस्थान में भारी बारिश के चलते कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि प्रशासन ने स्कूल भवनों की संरचनात्मक जांच क्यों नहीं कराई? क्या यह लापरवाही बच्चों की जान पर भारी पड़ गई?
शिक्षा मंत्री दिलावर ने कहा, “हमें जानकारी मिली है कि झालावाड़ में एक सरकारी स्कूल की छत गिर गई। यह बेहद दुखद घटना है। सभी बच्चों का इलाज सरकारी खर्चे पर किया जाएगा और जांच कराई जाएगी कि छत गिरने की असली वजह क्या थी।”
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने झालावाड़ हादसे पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि झालावाड़ के मनोहरथाना क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल की इमारत गिरने से कई बच्चों और शिक्षकों के हताहत होने की खबर अत्यंत दुखद है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि जनहानि न्यूनतम हो और सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले।





