बीरेन सिंह का इस्तीफा और राष्ट्रपति शासन की पृष्ठभूमि
मणिपुर में हालात बिगड़ने के बाद 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। इससे पहले मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह को इस्तीफा देना पड़ा था। अब राष्ट्रपति शासन खत्म होने से पहले केंद्र सरकार एक बार फिर इसकी अवधि बढ़ा रही है। दिलचस्प यह है कि बीते कुछ हफ्तों में मणिपुर में नई सरकार के गठन को लेकर गतिविधियां तेज़ हुई थीं। एनडीए के मैतेई और नागा समुदाय से जुड़े विधायक नई सरकार बनाने की दिशा में प्रयासरत थे। ऐसे में राष्ट्रपति शासन को आगे बढ़ाने के फैसले से इन विधायकों में नाराजगी बढ़ सकती है।
दो साल बाद भी नहीं थमी हिंसा की आग
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुई हिंसा अब भी पूरी तरह नहीं थमी है। अभी तक भड़की जातीय हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों लोग अपने घर-बार छोड़कर विस्थापित हो चुके हैं। सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। इस हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, हजारों विस्थापित हुए हैं और भारी पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ है।
सरकार का दावा है कि वर्ष के अंत तक विस्थापित परिवारों की वापसी की योजना पर काम हो रहा है। हालांकि, संघर्ष शुरू होने के 26 महीने बाद भी मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच सीधी बातचीत शुरू नहीं हो सकी है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।





