राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पारदर्शिता से बच रहा है। उन्होंने कहा, “आयोग मुझसे एफिडेविट मांगता है, जबकि मैंने संसद में संविधान पर हाथ रखकर शपथ ली है। आज जब जनता आयोग से डेटा को लेकर सवाल पूछ रही है, तो आयोग ने राजस्थान और बिहार में अपनी वेबसाइट बंद कर दी। उन्हें डर है कि डेटा से उनकी पोल खुल जाएगी।”
कांग्रेस नेता ने मांग की कि चुनाव आयोग इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट उपलब्ध कराए। उन्होंने दावा किया, “अगर हमें इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट मिल जाए, तो हम साबित कर देंगे कि प्रधानमंत्री वोट चोरी कर प्रधानमंत्री बने हैं। अगर डेटा नहीं दिया गया, तो हम 10, 20 या 25 सीटों पर यह साबित कर देंगे। हमारे पास पेपर कॉपी मौजूद है—आप छुप नहीं सकते। एक वोटर कई बार वोट डाल रहा है।”
राहुल गांधी ने कहा कि कर्नाटक की जनता के साथ बड़ा अपराध हुआ है। “यहां पर एक लोकसभा सीट चोरी की गई है। यह कर्नाटक के लोगों के खिलाफ क्रिमिनल एक्ट है। राज्य सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए और उन अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, जिन्होंने 15,000 फर्जी नाम वोटर लिस्ट में जोड़े हैं।”
राहुल ने बीजेपी पर सीधा हमला करते हुए कहा, “बीजेपी की विचारधारा संविधान के खिलाफ है। लेकिन कांग्रेस का हर कार्यकर्ता और नेता संविधान की रक्षा करेगा।” उन्होंने कर्नाटक सरकार गिराने की पुरानी घटनाओं का भी जिक्र किया, यह कहते हुए कि, “पहले यहां की सरकार पैसे देकर चोरी की गई थी, अब लोकसभा सीट भी चोरी हुई है।”





